{"_id":"5b1277f94f1c1ba16e8b5d71","slug":"mathura-arto-office-issue-driving-license-of-deceased-man","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आतंकी कसाब का DL बनाने वाला ARTO ऑफिस फिर सुर्खियों में, इस बार सामने आया यह कारनामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंकी कसाब का DL बनाने वाला ARTO ऑफिस फिर सुर्खियों में, इस बार सामने आया यह कारनामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 02 Jun 2018 04:30 PM IST
विज्ञापन
मथुरा एआरटीओ ऑफिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकी आमिर अजमल कसाब का फोटो लगा ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाला मथुरा का एआरटीओ ऑफिस एक बार चर्चा में है। इस ऑफिस से मृतक युवक का ड्राइविंग लाइसेंस बना दिया गया।
इसका खुलासा हुआ तो खलबली मच गई। आनन-फानन में जांच बैठा दी गई। आरटीओ आगरा इसकी जांच करने के लिए मथुरा पहुंचे। दस्तावेजों की छानबीन की गई। इस मामले में कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
तमाम फर्जी लाइसेंस के लिए मथुरा का एआरटीओ ऑफिस चर्चा में रहा है। अब एक ऐसे युवक का ड्राइविंग लाइसेंस बना दिया गया, जो 26 नवंबर 2017 को ही सड़क हादसे में मर चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसका खुलासा हुआ तो खलबली मच गई। आनन-फानन में जांच बैठा दी गई। आरटीओ आगरा इसकी जांच करने के लिए मथुरा पहुंचे। दस्तावेजों की छानबीन की गई। इस मामले में कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
तमाम फर्जी लाइसेंस के लिए मथुरा का एआरटीओ ऑफिस चर्चा में रहा है। अब एक ऐसे युवक का ड्राइविंग लाइसेंस बना दिया गया, जो 26 नवंबर 2017 को ही सड़क हादसे में मर चुका है।
विज्ञापन
मृतक व्यक्ति का बना दिया डीएल
इस युवक का नाम वीरेंद्र सिंह है। मसानी नौगांव छाता का रहने वाला था। 19 अप्रैल 2018 को वीरेंद्र का लाइसेंस जारी किया गया है। हालांकि यह लाइसेंस किसने बनवाया है यह तो साफ नहीं हो सका, लेकिन जांच शुरू करा दी गई है।
गुरुवार को इस मामले की जांच के लिए डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट जगदीश कुशवाह, आगरा आरटीओ डीके सिंह कार्यालय पहुंचे। उन्होंने लाइसेंस विभाग के रिकॉर्ड को खंगाला। एआरटीओ प्रशासन बबिता वर्मा से भी अधिकारियों ने बातचीत की।
मथुरा से भारी संख्या में फर्जी लाइसेंस जारी होने का खुलासा कई बार हो चुका है। ऑफिस के कई बाबू इस मामले में जेल भी गए। इसके बावजूद कार्यालय के कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
गुरुवार को इस मामले की जांच के लिए डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट जगदीश कुशवाह, आगरा आरटीओ डीके सिंह कार्यालय पहुंचे। उन्होंने लाइसेंस विभाग के रिकॉर्ड को खंगाला। एआरटीओ प्रशासन बबिता वर्मा से भी अधिकारियों ने बातचीत की।
मथुरा से भारी संख्या में फर्जी लाइसेंस जारी होने का खुलासा कई बार हो चुका है। ऑफिस के कई बाबू इस मामले में जेल भी गए। इसके बावजूद कार्यालय के कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
फर्जीवाड़े के कई मुकदमे हैं दर्ज
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर दिल्ली, यूपी, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में रोडवेज, पुलिस, सेना आदि विभागों में नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज हुए हैं।
दिल्ली सहित विभिन्न प्रांतों की अदालतों में 300 से अधिक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी मुकदमे में चल रहे हैं। कार्यालय के दो बाबू इन मुकदमों की तारीखें करने में ही लगे रहते हैं।
डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट आगरा जगदीश कुशवाह का कहना है कि मृतक व्यक्ति का अप्रैल 2018 में लाइसेंस जारी कर दिया गया। इसकी जांच की जा रही है। संबंधित बाबू भी जांच के दायरे में है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सहित विभिन्न प्रांतों की अदालतों में 300 से अधिक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी मुकदमे में चल रहे हैं। कार्यालय के दो बाबू इन मुकदमों की तारीखें करने में ही लगे रहते हैं।
डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट आगरा जगदीश कुशवाह का कहना है कि मृतक व्यक्ति का अप्रैल 2018 में लाइसेंस जारी कर दिया गया। इसकी जांच की जा रही है। संबंधित बाबू भी जांच के दायरे में है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।