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चौंका सकते हैं ताजनगरी के चुनावी नतीजे
चौंका सकते हैं ताजनगरी के चुनावी नतीजे
Updated Sun, 12 Feb 2017 12:55 AM IST
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चौंका सकते हैं ताजनगरी के चुनावी नतीजे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आगरा की नौ सीटों पर 121 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में लॉक हो गई है। यह 11 मार्च को खुलेगी। तब तक रोज मतदान के आंकड़ों से शह-मात का अंदाजा लगाया जाएगा। फिलहाल सिर्फ वोटिंग ट्रेंड के आधार पर बात की जा रही है। दो मोटी बातें हैं। एक तो वोट प्रतिशत 2.30 फीसदी बढ़ा है। दूसरा, मुस्लिम वोटरों में विभाजन हुआ है। इस आधार पर राजनीति के जानकारों का मानना है कि कई सीटों पर पिछले चुनाव से नतीजे अलग हो सकते हैं।
2007 और 2012 में छह सीटें जीतने वाली बसपा के परंपरागत वोटर इस बार भी सुबह ही लाइन में लग गए। लेकिन विरोधी वोटरों के उत्साह ने हाथी की हैट्रिक की राह मुश्किल कर दी। धर्म के आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण हुआ है।
उत्तर सीट पर सबसे कम वोट पड़े हैं। लेकिन वोटिंग ट्रेंड नहीं बदला है। भाजपा के जगन गर्ग, बसपा के ज्ञानेन्द्र गौतम और सपा के अतुल गर्ग के बीच मुकाबला रहा। राजनीति के जानकारों का कहना है कि यहां के नतीजे चौंकाने वाले नहीं होंगे। दक्षिण पर भी कुछ ऐसी ही कहानी है।
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यहां पिछले चुनाव में भाजपा से योगेंद्र उपाध्याय, बसपा से जुल्फिकार अहमद भुट्टो और कांग्रेस से नजीर अहमद चुनाव मैदान में थे। तब योगेंद्र उपाध्याय जीते। इस बार भी तीनों में मुकाबला रहा।
छावनी में सपा की ममता टपलू के साथ सहानुभूति रही। माना जा रहा था कि मुस्लिम वोट उन्हें एकतरफा मिलेगा। लेकिन बसपा के कालीचरन सुमन ने इनमें सेंधमारी की। दलित वोट भी यहां बंटे हैं। देखना यह होगा कि मत विभाजन का फायदा भाजपा के जीएस धर्मेश को मिल पाया या नहीं।
फतेहपुर सीकरी पर रालोद के बृजेश चाहर मुकाबले में रहे। भाजपा को जाट वोट एकतरफा मिलने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बसपा से ठाकुर सूरजपाल पुराने समीकरणों पर चुनाव लड़े। सपा से लाल सिंह लोधी उम्मीदवार हैं। लेकिन उनके लिए किसी बड़े नेता ने रैली या रोड शो नहीं किया।
बाह में भाजपा की पक्षालिका सिंह और बसपा के मधुसूदन शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। फतेहाबाद में सबसे रोचक मुकाबला हुआ। सपा को सबसे ज्यादा उम्मीद इसी सीट से है। उम्मीदवार हैं राजेन्द्र सिंह। भाजपा से जितेन्द्र वर्मा और बसपा से उमेश सेंथिया ने पूरा जोर लगाया। क्षत्रिय और ब्राह्मणों ने अलग-अलग वोट किया। ऐसे में निषाद वोटों की नतीजों में अहम भूमिका रहेगी।
एत्मादपुर में बसपा के डा. धर्मपाल सिंह और भाजपा के राम प्रताप सिंह चौहान में कड़ा मुकाबला हुआ। दोनों ने एक -दूसरे के वोटों में सेंध लगाई। आगरा ग्रामीण में भाजपा की हेमलता दिवाकर, कांग्रेस से उपेंद्र सिंह और बसपा के कालीचरन सुमन के बीच टक्कर रही।
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2007 और 2012 में छह सीटें जीतने वाली बसपा के परंपरागत वोटर इस बार भी सुबह ही लाइन में लग गए। लेकिन विरोधी वोटरों के उत्साह ने हाथी की हैट्रिक की राह मुश्किल कर दी। धर्म के आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण हुआ है।
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उत्तर सीट पर सबसे कम वोट पड़े हैं। लेकिन वोटिंग ट्रेंड नहीं बदला है। भाजपा के जगन गर्ग, बसपा के ज्ञानेन्द्र गौतम और सपा के अतुल गर्ग के बीच मुकाबला रहा। राजनीति के जानकारों का कहना है कि यहां के नतीजे चौंकाने वाले नहीं होंगे। दक्षिण पर भी कुछ ऐसी ही कहानी है।
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यहां पिछले चुनाव में भाजपा से योगेंद्र उपाध्याय, बसपा से जुल्फिकार अहमद भुट्टो और कांग्रेस से नजीर अहमद चुनाव मैदान में थे। तब योगेंद्र उपाध्याय जीते। इस बार भी तीनों में मुकाबला रहा।
छावनी में सपा की ममता टपलू के साथ सहानुभूति रही। माना जा रहा था कि मुस्लिम वोट उन्हें एकतरफा मिलेगा। लेकिन बसपा के कालीचरन सुमन ने इनमें सेंधमारी की। दलित वोट भी यहां बंटे हैं। देखना यह होगा कि मत विभाजन का फायदा भाजपा के जीएस धर्मेश को मिल पाया या नहीं।
फतेहपुर सीकरी पर रालोद के बृजेश चाहर मुकाबले में रहे। भाजपा को जाट वोट एकतरफा मिलने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बसपा से ठाकुर सूरजपाल पुराने समीकरणों पर चुनाव लड़े। सपा से लाल सिंह लोधी उम्मीदवार हैं। लेकिन उनके लिए किसी बड़े नेता ने रैली या रोड शो नहीं किया।
बाह में भाजपा की पक्षालिका सिंह और बसपा के मधुसूदन शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। फतेहाबाद में सबसे रोचक मुकाबला हुआ। सपा को सबसे ज्यादा उम्मीद इसी सीट से है। उम्मीदवार हैं राजेन्द्र सिंह। भाजपा से जितेन्द्र वर्मा और बसपा से उमेश सेंथिया ने पूरा जोर लगाया। क्षत्रिय और ब्राह्मणों ने अलग-अलग वोट किया। ऐसे में निषाद वोटों की नतीजों में अहम भूमिका रहेगी।
एत्मादपुर में बसपा के डा. धर्मपाल सिंह और भाजपा के राम प्रताप सिंह चौहान में कड़ा मुकाबला हुआ। दोनों ने एक -दूसरे के वोटों में सेंध लगाई। आगरा ग्रामीण में भाजपा की हेमलता दिवाकर, कांग्रेस से उपेंद्र सिंह और बसपा के कालीचरन सुमन के बीच टक्कर रही।