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Agra News: नवरात्र में नौका पर सवार होकर आ रही हैं माता शेरावाली
Mon, 20 Mar 2023 11:19 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 20 Mar 2023 11:19 PM IST
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मैनपुरी। चैत्र नवरात्र कल से शुरू होने जा रहे हैं। मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले के प्रसिद्ध मंदिरों पर नवरात्र में मेले लगेंगे जिससे देखते हुए यहां विशेष व्यवस्थाएं की जा री हैं। नवरात्र को लेकर बाजारों में भी भीड़ दिखाई देने लगी है। नवरात्र में इस बार माता शेरावाली नौका पर सवार होकर आ रही हैं उनकी विदाई डोली पर सवार होकर होगी।
22 मार्च से शुरू होने जा रहे नवरात्र में इसबार विशेष सहयोग बन रहे हैं। वैसे तो मां दुर्गा की सवारी शेर है, लेकिन जब वे धरती पर आती हैं तो उनकी सवारी बदल जाती है। इस बार मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिषाचार्य रामानंदन बताते हैं कि इस साल नवरात्रों में माता का आगमन नौका पर और प्रस्थान डोली पर होगा। इससे अच्छा सहयोग बन रहा है। नवरात्र को लेकर देवी मंदिरों में रंगाई-पुताई का काम समाप्त हो चुका है। अब माता की मूर्तियों को सजाया जा रहा है। मंदिरों में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति भी जलाई जाएगी।
काली माता मंदिर के पुजारी गीतदास ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र 22 मार्च से प्रारंभ होकर 30 मार्च को समाप्त होंगे। नवरात्र के दिनों देवी मां की विशेष कृपा बरसती है। बड़ी संख्या में भक्त उपवास रखकर देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते है। नौवें दिन भक्त दुर्गा माता की पूजा कर कन्या भोज के साथ हवन-पूजन भी करते हैं। इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाती है। नवरात्र को देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य रामानंदन ने बताया कि नवरात्र में कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से लेकर 11.26 तक अति शुभ रहेगा। नवरात्रों में नौ देवियों को प्रसन्न करने के लिए श्री यंत्र, कमलगट्टे की माला, नारियल, दक्षिणावर्ती शंख का इस्तेमाल करें। घटस्थापना के लिए कलश, नारियल, रोली, अक्षत, कलावा व ज्योत जलाने के लिए गाय का शुद्ध घी, हवन की सामग्री आम की लकड़ी, गुग्गुल, लॉन्ग, कपूर बताशे आदि सभी सामग्री से पूजा करें। इससे घर में सुख समृद्धि वैभव, ऐश्वर्य भौतिक सुख साधन, विजय प्राप्त होती है।
ईशान कोण में करें चौकी की स्थापना
माता की चौकी की स्थापना सर्वप्रथम ईशान कोण में या उत्तर दिशा में एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें। गंगाजल छिड़क कर उसे स्थान को शुद्ध करें। सुंदर वस्त्र, लाल चुनरी, आभूषण पुष्पमाला आदि धारण कराकर मां का सुंदर शृंगार करें। चौकी पर एक छोटी गणेश जी की प्रतिमा या सुपारी पर मौली लपेटकर स्थापित करें। हाथ में चावल पुष्प और जल लेकर नवरात्र पूजा का संकल्प करें।
कब बन रही है अष्टमी और नवमी तिथि
चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि 28 मार्च शाम सात बजकर दो मिनट से शुरू होगी, इसका समापन 29 मार्च को रात 09.07 मिनट पर होगा। चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि 29 मार्च को रात नौ बजबकर सात मिनट से शुरू होगी जो 30 मार्च को रात साढ़े 11 बजे तक है। राम नवमी की पूजा का मुहूर्त दिन में 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर एक बजरकर 40 मिनट तक रहेगा।
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22 मार्च से शुरू होने जा रहे नवरात्र में इसबार विशेष सहयोग बन रहे हैं। वैसे तो मां दुर्गा की सवारी शेर है, लेकिन जब वे धरती पर आती हैं तो उनकी सवारी बदल जाती है। इस बार मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिषाचार्य रामानंदन बताते हैं कि इस साल नवरात्रों में माता का आगमन नौका पर और प्रस्थान डोली पर होगा। इससे अच्छा सहयोग बन रहा है। नवरात्र को लेकर देवी मंदिरों में रंगाई-पुताई का काम समाप्त हो चुका है। अब माता की मूर्तियों को सजाया जा रहा है। मंदिरों में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति भी जलाई जाएगी।
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काली माता मंदिर के पुजारी गीतदास ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र 22 मार्च से प्रारंभ होकर 30 मार्च को समाप्त होंगे। नवरात्र के दिनों देवी मां की विशेष कृपा बरसती है। बड़ी संख्या में भक्त उपवास रखकर देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते है। नौवें दिन भक्त दुर्गा माता की पूजा कर कन्या भोज के साथ हवन-पूजन भी करते हैं। इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाती है। नवरात्र को देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य रामानंदन ने बताया कि नवरात्र में कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से लेकर 11.26 तक अति शुभ रहेगा। नवरात्रों में नौ देवियों को प्रसन्न करने के लिए श्री यंत्र, कमलगट्टे की माला, नारियल, दक्षिणावर्ती शंख का इस्तेमाल करें। घटस्थापना के लिए कलश, नारियल, रोली, अक्षत, कलावा व ज्योत जलाने के लिए गाय का शुद्ध घी, हवन की सामग्री आम की लकड़ी, गुग्गुल, लॉन्ग, कपूर बताशे आदि सभी सामग्री से पूजा करें। इससे घर में सुख समृद्धि वैभव, ऐश्वर्य भौतिक सुख साधन, विजय प्राप्त होती है।
ईशान कोण में करें चौकी की स्थापना
माता की चौकी की स्थापना सर्वप्रथम ईशान कोण में या उत्तर दिशा में एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें। गंगाजल छिड़क कर उसे स्थान को शुद्ध करें। सुंदर वस्त्र, लाल चुनरी, आभूषण पुष्पमाला आदि धारण कराकर मां का सुंदर शृंगार करें। चौकी पर एक छोटी गणेश जी की प्रतिमा या सुपारी पर मौली लपेटकर स्थापित करें। हाथ में चावल पुष्प और जल लेकर नवरात्र पूजा का संकल्प करें।
कब बन रही है अष्टमी और नवमी तिथि
चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि 28 मार्च शाम सात बजकर दो मिनट से शुरू होगी, इसका समापन 29 मार्च को रात 09.07 मिनट पर होगा। चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि 29 मार्च को रात नौ बजबकर सात मिनट से शुरू होगी जो 30 मार्च को रात साढ़े 11 बजे तक है। राम नवमी की पूजा का मुहूर्त दिन में 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर एक बजरकर 40 मिनट तक रहेगा।