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Agra: शास्त्रीपुरम के मोहम्मदपुर गांव में जिन्होंने खरीदे हैं प्लॉट, उन पर आफत; 46 रजिस्ट्री होंगी निरस्त
Thu, 11 Jun 2026 09:37 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 11 Jun 2026 09:37 AM IST
सार
आगरा के शास्त्रीपुरम के मोहम्मदपुर गांव में एडीए की अधिग्रहित जमीन को अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आया है। जांच के बाद 46 रजिस्ट्रियां निरस्त करने और आरोपियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
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जमीन घोटाला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित मोहम्मदपुर गांव में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की बेशकीमती जमीन के बंदरबांट में खरीदार (क्रेता) और विक्रेता फंस गए हैं। इन पर प्राधिकरण धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर, जमीन की 46 रजिस्ट्री भी निरस्त होंगी। इसके लिए प्राधिकरण सिविल कोर्ट में वाद दायर करने जा रहा है।
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शास्त्रीपुरम स्थित सिकंदरा आवासीय योजना में एडीए की अरबों रुपये का जमीन के घोटाले का खुलासा अमर उजाला ने किया था। एडीए ने 12 खसरों में रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। एडीए सचिव संजय कुमार ने बताया कि जय बजरंग सहकारी आवास समिति लिमिटेड के पूर्व और वर्तमान सचिवों ने पहले तो अधिग्रहित भूमि का मुआवजा उठाया और इसके बाद भोली-भाली जनता को धोखा देते हुए उसी सरकारी जमीन के 46 अवैध बैनामे (रजिस्ट्री) कर दिए। भू-अर्जन विभाग की जांच रिपोर्ट में इस फर्जीवाड़े की परतें खुली हैं। इसके बाद 46 रजिस्ट्री को निरस्त कराया जाएगा। धोखाधड़ी के आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होगी। इस संबंध में विधि विभाग ने प्रकिया शुरू कर दी है।
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ऐसे हुआ एडीए की जमीन पर घोटाला
यह पूरा खेल ग्राम मोहम्मदपुर के खसरा संख्या 208, 218, 219/1, 219/3, 220 और 278 की जमीन पर खेला गया। इस जमीन का अधिग्रहण सिकंदरा आवासीय योजना के लिए किया गया था। 2 दिसंबर, 1991 को एडीए को इसका कब्जा भी मिल गया था। राजस्व अभिलेखों में खतौनी वर्ष 1419 से 1424 फसली में इस भूमि के स्वामी के रूप में एडीए का नाम दर्ज है। जय बजरंग सहकारी आवास समिति ने अपने हिस्से की भूमि का मुआवजा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, आगरा से प्राप्त कर लिया था। इसके बावजूद, समिति के पूर्व सचिव सुशील कुमार गोयल और सचिन कुमार गोयल ने लोगों से पैसे लेकर उन्हें यह जमीन बेच दी। समिति ने अर्जन प्रक्रिया शुरू होने की गजट अधिसूचना 30 जनवरी, 1989 के बाद ये सभी 46 अवैध बैनामे किए, जो वैधानिक दृष्टि से पूरी तरह शून्य हो सकते हैं।
यह पूरा खेल ग्राम मोहम्मदपुर के खसरा संख्या 208, 218, 219/1, 219/3, 220 और 278 की जमीन पर खेला गया। इस जमीन का अधिग्रहण सिकंदरा आवासीय योजना के लिए किया गया था। 2 दिसंबर, 1991 को एडीए को इसका कब्जा भी मिल गया था। राजस्व अभिलेखों में खतौनी वर्ष 1419 से 1424 फसली में इस भूमि के स्वामी के रूप में एडीए का नाम दर्ज है। जय बजरंग सहकारी आवास समिति ने अपने हिस्से की भूमि का मुआवजा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, आगरा से प्राप्त कर लिया था। इसके बावजूद, समिति के पूर्व सचिव सुशील कुमार गोयल और सचिन कुमार गोयल ने लोगों से पैसे लेकर उन्हें यह जमीन बेच दी। समिति ने अर्जन प्रक्रिया शुरू होने की गजट अधिसूचना 30 जनवरी, 1989 के बाद ये सभी 46 अवैध बैनामे किए, जो वैधानिक दृष्टि से पूरी तरह शून्य हो सकते हैं।
सचिव से लेकर उपाध्यक्ष तक बने रहे लापरवाह
इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। एडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष से लेकर सचिव तक आंखें मूंदे रहे। 28 जनवरी, 1993 को एडीए की 67वीं बोर्ड बैठक में एक साजिश के तहत इस अर्जित जमीन को समिति की दूसरी जमीन (खसरा 171 और 315) के साथ बदलने (विनिमय) का प्रस्ताव रखा गया था। तत्कालीन अधिकारियों ने बिना मौके का मुआयना किए, खाली जमीन पर स्कूल, मंदिर और धर्मशाला का फर्जी निर्माण दर्शाकर प्रस्ताव पास कराने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया कि समिति जिस खसरा संख्या 315 से सरकारी जमीन को बदलने का दावा कर रही थी, उस पर वर्ष 2009 से मां दुर्गा कॉलेज संचालित किया जा रहा है।
इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। एडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष से लेकर सचिव तक आंखें मूंदे रहे। 28 जनवरी, 1993 को एडीए की 67वीं बोर्ड बैठक में एक साजिश के तहत इस अर्जित जमीन को समिति की दूसरी जमीन (खसरा 171 और 315) के साथ बदलने (विनिमय) का प्रस्ताव रखा गया था। तत्कालीन अधिकारियों ने बिना मौके का मुआयना किए, खाली जमीन पर स्कूल, मंदिर और धर्मशाला का फर्जी निर्माण दर्शाकर प्रस्ताव पास कराने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया कि समिति जिस खसरा संख्या 315 से सरकारी जमीन को बदलने का दावा कर रही थी, उस पर वर्ष 2009 से मां दुर्गा कॉलेज संचालित किया जा रहा है।
धोखाधड़ी में होगी कार्रवाई
आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार ने बताया कि विधि विभाग से राय मांगी थी। रिपोर्ट आ गई है। अवैध रूप से हुईं रजिस्ट्री को निरस्त कराया जाएगा। आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी।
आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार ने बताया कि विधि विभाग से राय मांगी थी। रिपोर्ट आ गई है। अवैध रूप से हुईं रजिस्ट्री को निरस्त कराया जाएगा। आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी।