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Karwa Chauth 2025: चांद का दीदार कर महिलाओं ने खोला व्रत, पति की लंबी आयु के लिए की प्रार्थना
Fri, 10 Oct 2025 08:47 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 10 Oct 2025 08:47 PM IST
सार
आगरा में शुक्रवार रात करीब आठ बजे के बाद चांद का दीदार हुआ। करवाचाैथ पर चंद्रमा के दर्शन और पूजन कर सुहागिनों ने व्रत खोला।
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करवाचाैथ पर चांद का दीदार करती सुहागिन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। दिन में पूजा-अर्चना और कथा सुनने के बाद रात को चांद का दीदार कर पति की लंबी आयु के लिए भगवान से प्रार्थना की। चांद को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला। ज्यादातर महिलाओं ने करवाचौथ का सामूहिक पूजन कर पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की।
शुक्रवार को सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पूरी रीति रिवाज के साथ करवाचौथ का निर्जला व्रत रखा। चंद्रमा के दर्शन और पूजन कर व्रत खोला। वहीं, मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई। साथ ही परंपरानुसार बुजुर्ग महिलाओं से व्रत कथा सुनी। बड़ों का आशीर्वाद लिया।
घरों में दोपहर से ही पकवान बनाने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम होते ही पूजन की तैयारियां शुरू कर दी गईं। सुहागिनों ने शादी के जोड़े या नई साड़ी, लहंगा पहन दुल्हन की तरह श्रृंगार किया। सूर्य ढलते ही घरों की छतों पर रौनक बिखर गई।
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छतों पर पहुंचकर महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करने और उसके बाद छलनी में दीपक जलाकर पहले चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दिया इसके उपरांत पति का दीदार किया। पति के हाथों से पानी पीकर व्रत को खोला।
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शुक्रवार को सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पूरी रीति रिवाज के साथ करवाचौथ का निर्जला व्रत रखा। चंद्रमा के दर्शन और पूजन कर व्रत खोला। वहीं, मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई। साथ ही परंपरानुसार बुजुर्ग महिलाओं से व्रत कथा सुनी। बड़ों का आशीर्वाद लिया।
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घरों में दोपहर से ही पकवान बनाने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम होते ही पूजन की तैयारियां शुरू कर दी गईं। सुहागिनों ने शादी के जोड़े या नई साड़ी, लहंगा पहन दुल्हन की तरह श्रृंगार किया। सूर्य ढलते ही घरों की छतों पर रौनक बिखर गई।
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छतों पर पहुंचकर महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करने और उसके बाद छलनी में दीपक जलाकर पहले चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दिया इसके उपरांत पति का दीदार किया। पति के हाथों से पानी पीकर व्रत को खोला।