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कान्हा पर बरसेगा दुलार, जन्माष्टमी को सजा बाजार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:17 AM IST
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कान्हा की ड्रेस, मुकुट, बांसुरी और खिलौनों से सजे बाजार
- फोटो : अमर उजाला
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कान्हा के जन्म की खुशियां मनाने के लिए लोग तैयार हैं तो बाजार भी पूरी तरह से सज चुका है। जन्माष्टमी का रंग बाजारों पर छाने लगा है। दुकानों पर लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं, पोशाक, मुकुट, बांसुरी से लेकर हिंडोले तक उपलब्ध हैं। लकड़ी, मेटल और चांदी के हिंडोले लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। लुहार गली में मूर्ति विक्रेताओं, किराना से लेकर पूजन सामग्री बेचने वालों के पास ग्राहकों की भीड़ पहुंच रही है।
इसके अलावा रावतपाड़ा, राजा की मंडी, शाहगंज, न्यू आगरा, बोदला समेत शहर के बाजारों में जन्माष्टमी की धूम नजर आने लगी है। 150 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक के मेटल के हिंडोले बाजार में उपलब्ध हैं। लुहार गली से लेकर मन:कामेश्वर मंदिर तक के बाजार में हिंडोले ही छाए हैं। चांदी की पॉलिश वाले 6 इंच से 2 फुट ऊंचे हिंडोले मांग में ज्यादा हैं। लडडू गोपाल और राधा कृष्ण की प्रतिमाओं की पोशाक ज्यादा बिक रही हैं।
कान्हा की पगड़ी, अनूठी बांसुरी
ब्रज के घर-घर में कन्हैया के जन्म के लिए पूरी पोशाक ही नई खरीदी जाती है। वृंदावन की पगड़ी और राजकोट का विश्ेाष झूला बाजार में मिल रहा है। बांसुरी और रेशम का गद्दा, तकिया, मोरपंख, मुकुट, मोतियों की माला ग्राहकों को लुभा रही है। 20 रुपये से लेकर 250 रुपये तक पोशाक ज्यादातर दुकानों पर उपलब्ध है। वहीं ड्रेस से लेकर बांसुरी तक का पूरा सेट 100 रुपये से 400 रुपये के बीच है।
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कमल और माला योग में प्रकट होंगे कन्हैया
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार अतिशुभ फलदायी योग बन रहा है। 25 अगस्त को कन्हैया का प्राकट्य कमल और माला योग में होगा। इन योग से यश, कीर्ति, धन और चिरायु प्राप्त होती है। देश के राजा के यश में भी वृद्धि होती है। हजारों वर्ष पूर्व जब भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को देव स्वरूपा मां देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण प्रकट हुए थे, तब नक्षत्र था रोहिणी और चंद्रमा गोचर कर रहे थे वृष राशि में। इस बार की जन्माष्टमी पर भी यही संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यो ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर 12:15 बजे से रोहिणी नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। अष्टमी पूरे दिन है। जन्माष्टमी व्रत इसी दिन रखा जाएगा। भगवान का प्राकट्य अर्द्धरात्रि में होता है। अज्ञान रूपी अंधकार छंट जाता और चंद्रमा का ज्ञान रूपी प्रकाश फैल जाता है। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर कमल योग और माला योग है। यह अतिशुभ फलदायी है।
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इसके अलावा रावतपाड़ा, राजा की मंडी, शाहगंज, न्यू आगरा, बोदला समेत शहर के बाजारों में जन्माष्टमी की धूम नजर आने लगी है। 150 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक के मेटल के हिंडोले बाजार में उपलब्ध हैं। लुहार गली से लेकर मन:कामेश्वर मंदिर तक के बाजार में हिंडोले ही छाए हैं। चांदी की पॉलिश वाले 6 इंच से 2 फुट ऊंचे हिंडोले मांग में ज्यादा हैं। लडडू गोपाल और राधा कृष्ण की प्रतिमाओं की पोशाक ज्यादा बिक रही हैं।
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कान्हा की पगड़ी, अनूठी बांसुरी
ब्रज के घर-घर में कन्हैया के जन्म के लिए पूरी पोशाक ही नई खरीदी जाती है। वृंदावन की पगड़ी और राजकोट का विश्ेाष झूला बाजार में मिल रहा है। बांसुरी और रेशम का गद्दा, तकिया, मोरपंख, मुकुट, मोतियों की माला ग्राहकों को लुभा रही है। 20 रुपये से लेकर 250 रुपये तक पोशाक ज्यादातर दुकानों पर उपलब्ध है। वहीं ड्रेस से लेकर बांसुरी तक का पूरा सेट 100 रुपये से 400 रुपये के बीच है।
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कमल और माला योग में प्रकट होंगे कन्हैया
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार अतिशुभ फलदायी योग बन रहा है। 25 अगस्त को कन्हैया का प्राकट्य कमल और माला योग में होगा। इन योग से यश, कीर्ति, धन और चिरायु प्राप्त होती है। देश के राजा के यश में भी वृद्धि होती है। हजारों वर्ष पूर्व जब भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को देव स्वरूपा मां देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण प्रकट हुए थे, तब नक्षत्र था रोहिणी और चंद्रमा गोचर कर रहे थे वृष राशि में। इस बार की जन्माष्टमी पर भी यही संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यो ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर 12:15 बजे से रोहिणी नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। अष्टमी पूरे दिन है। जन्माष्टमी व्रत इसी दिन रखा जाएगा। भगवान का प्राकट्य अर्द्धरात्रि में होता है। अज्ञान रूपी अंधकार छंट जाता और चंद्रमा का ज्ञान रूपी प्रकाश फैल जाता है। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर कमल योग और माला योग है। यह अतिशुभ फलदायी है।