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नए साल में बदल गए जीएसटी के नियम: अब माल पकड़े जाने पर दोगुना देना होगा जुर्माना
Sat, 01 Jan 2022 10:58 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 01 Jan 2022 10:58 AM IST
सार
नए साल 2022 में एक जनवरी से जीएसटी के कई नियमों में बदलाव लागू हो गया है। जिससे ये नियम पहले से और सख्त हो गए हैं।
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वस्तु एवं सेवा कर
- फोटो : iStock
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विस्तार
नए साल के आगाज के साथ ही जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के कई नियमों में बदलाव हो गया है। आगरा के जीएसटी विशेषज्ञ सौरभ अग्रवाल ने बताया कि नियमों में बदलाव एक जनवरी से लागू हो गए हैं। आज से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के प्रावधान सख्त किए गए हैं।
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टैक्स इनवॉइस का पोर्टल पर प्रदर्शित होना अनिवार्य है। धारा 16 और नियम 36 (4) को सख्त किया गया है। किसी महीने का अगर करदाता ने रिटर्न 3-बी नहीं दाखिल किया है तो अगले महीने का जीएसटीआर-1 नहीं भर सकेंगे।
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ये हुआ बदलाव
- माल पकड़े जाने पर जुर्माना देय कर का 200 फीसदी तक लगेगा, जबकि अभी तक यह 100 फीसदी तक लगता था।
- माल पकड़े जाने पर अगर अपील में जाएंगे तो कारोबारी को प्री-डिपोजिट अर्थदंड का 25 फीसदी जमा करना होगा।
- अगर 18 फीसदी जीएसटी दर का एक लाख रुपये का माल पकड़ा जाता है तो उस पर 36 हजार रुपये अर्थदंड लगेगा और अपील में जाने पर पहले अर्थदंड का 25 फीसदी यानी 9 हजार रुपये जमा करने होंगे। अभी तक केवल 1800 रुपये प्री-डिपोजिट करने होते थे।
- जीएसटीआर-1 में यदि 3-बी के सापेक्ष अधिक कर घोषित कर दिया है तो विभाग बिना कारण बताओ नोटिस दिये रिकवरी कर सकेगा।
- संस्थाओं द्वारा सदस्यों से प्राप्त शुल्क अब जीएसटी के दायरे में आएगा।
- कुर्की के प्रावधान आज से चार गुना ज्यादा हो जाएंगे। फर्जी इनवॉइस जारी करने वाले मास्टरमाइंड पर कुर्क ी की कार्रवाई होगी।
- रिटर्न, स्क्रूटिनी के मामलों में, जिसमें एएसएमटी 10 जारी है, वह कुर्की के दायरे में रहेंगे।
- कारोबारियों को अनुशासित विक्रेताओं से ही रिश्ते रखने होंगे अन्यथा विक्रेता की गलती का खामियाजा क्रेता को उठाना पड़ सकता है।