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#LadengeCoronaSe: एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाया, परिवार ने कोरोना से छुटकारा पाया
Sun, 16 May 2021 11:01 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 16 May 2021 11:01 AM IST
सार
आगरा के कई परिवारों ने एक-दूसरे का सहारा बनकर कोरोना वायरस को मात दी है। आज इन परिवारों के सदस्य स्वस्थ हैं। संक्रमण से बचाव के तौर तरीकों का पालन कर रहे हैं।
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मां मंजू के साथ बेटा अभय दीप व बेटी दीपान्या।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना काल में परिवार मरीजों के लिए बड़ा संबल बना है। आगरा में कई ऐसे मामले आए जब परिवार के सभी सदस्य संक्रमित हो गए। उन्होंने एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाया। अलग-अलग रहे। उचित दूरी बनाकर बातचीत करते रहे। चिकित्सक की सलाह और सकारात्मक माहौल से उन्होंने कोरोना को हरा दिया। अब वह दूसरों के लिए प्रेरणा हैं।
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परिवार में स्वस्थ माहौल, आपसी तालमेल और दृढ़ इच्छाशक्ति से गोपालपुरा निवासी मंजू (52 वर्ष) के परिवार ने कोरोना संक्रमण से जंग जीत ली है। मंजू के अलावा बेटा अभय दीप (25 वर्ष) और बेटी दीपान्या (17 वर्ष) एक साथ संक्रमित हो गए। तीनों से एक-दूसरे को मनोबल बढ़ाया। संकट की घड़ी में हंसाया और अब कोरोना से छुटकारा पा लिया है।
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ऐसे बने एक-दूसरे का सहारा
अभय दीप ने बताया कि उनकी मां 21 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित हुई। उसके बाद वह और उनकी बहन भी चपेट में आ गई। सभी में बुखार, गले में छाले, खांसी, दस्त और कमजोरी जैसे लक्षण थे। सभी होम आइसोलेट थे। चिकित्सक के परामर्श से दवाएं ले रहे थे। मां पूरी सावधानी से खाना बनाती थी और बेटे और बेटी को दरवाजे पर परोसती थीं। अभय दीप की मौसी ऊषा के परिवार ने जरूरी दवाएं पहुंचाने में मदद की।
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उन्होंने बताया कि संक्रमण का समय वास्तव में अत्यंत कठिन था, मां का साहसी रवैया और घर में सकारात्मक माहौल का निर्माण कारगर साबित हुआ। अलग-अलग कमरे में रहते हुए परिवार के तीनों सदस्य एक-दूसरे के साथ व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो चैट करते थे और एक-दूसरे को हंसाते थे।
परिवार संग जीती जंग
बाह की डिफेंस कॉलनी के रहने वाले शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक अहिबरन सिंह परिहार और उनके परिवार ने कोरोना को हराया है। उन्होंने कहा कि अगर परिवार संग है तो लोग जीत लेते हैं हर जंग। वह पत्नी आशा, बेटे भरत प्रताप सिंह, बेटी श्रेयांसी एक साथ संक्रमित हो गए थे। बताया कि होम आइसोलेट रहते हुए सभी ने प्राणायाम, काढ़ा और नियमित दवाओं के सहारे कोरोना को हरा दिया।
शिक्षक नेता ने बताया कि 14 दिन के होम आइसोलेशन में चारों लोग अलग अलग कमरे में रहे। दवाओं के सेवन के साथ रोजाना प्राणायाम किया। गर्म पानी के गरारे किए। काढ़ा पीया। बच्चों को हल्दी वाला दूध देते रहे। सामान्य पानी पीते थे। पहनने, ओढ़ने और बिछाने के कपडे़ रोजाना गर्म पानी से धुलते थे। रिश्तेदारों तक को घर पर नहीं आने दिया। उन्होंने लोगों से स्वस्थ रहने के लिए पॉजिटिव बननेे, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने का आह्वान किया है।
परिवार संग जीती जंग
बाह की डिफेंस कॉलनी के रहने वाले शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक अहिबरन सिंह परिहार और उनके परिवार ने कोरोना को हराया है। उन्होंने कहा कि अगर परिवार संग है तो लोग जीत लेते हैं हर जंग। वह पत्नी आशा, बेटे भरत प्रताप सिंह, बेटी श्रेयांसी एक साथ संक्रमित हो गए थे। बताया कि होम आइसोलेट रहते हुए सभी ने प्राणायाम, काढ़ा और नियमित दवाओं के सहारे कोरोना को हरा दिया।
शिक्षक नेता ने बताया कि 14 दिन के होम आइसोलेशन में चारों लोग अलग अलग कमरे में रहे। दवाओं के सेवन के साथ रोजाना प्राणायाम किया। गर्म पानी के गरारे किए। काढ़ा पीया। बच्चों को हल्दी वाला दूध देते रहे। सामान्य पानी पीते थे। पहनने, ओढ़ने और बिछाने के कपडे़ रोजाना गर्म पानी से धुलते थे। रिश्तेदारों तक को घर पर नहीं आने दिया। उन्होंने लोगों से स्वस्थ रहने के लिए पॉजिटिव बननेे, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने का आह्वान किया है।