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बाढ़ पीड़ित कई परिवार अब भी खुले आसमान की नीचे

Sun, 15 Aug 2021 01:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 15 Aug 2021 01:03 AM IST
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Many families of flood victims are still under the open sky
बाह। बाढ़ के बाद अब बाह में चंबल नदी सामान्य हो गई है। पर, बाढ़ ने कई परिवार के सिर से छत छीन ली है। पानी घटने पर बीहड़ से गांव लौटे 14 गांवों के लोगों को उनके कच्चे घर गिरे मिले। इससे कई परिवार अब भी खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है। सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो चुका है। नहीं 15 दिनों बाद बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति दुरुस्त कर दी गई है।
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बाढ़ का पानी घटने के बाद शनिवार को उमरैठापुरा के राजकुमार, बलीराम, शिवदयाल, मेघ सिंह, साहूकार, देवीराम, नत्थोदेवी आदि गांव लौटी, तो गांव में उनके कच्चे घरों का नामो निशान नहीं मिला। राजकुमार ने बताया कि चारा काटने की मशीन मलबे में दबी मिली। उमरैठापुरा में करीब 40 मकान बाढ़ की भेंट चढे़ हैं।
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टीले से गांव पहुंचे गुढ़ा के हजूरी, मुन्नीलाल, भागीरथ, रामसेवक आदि करीब दस परिवारों के मकान नष्ट हो गए। गोहरा में कप्तान सिंह, संजीव, मूलचंद्र आदि ने बताया कि गांव के 18 घर, झोपड़ी बाढ़ में बह गए।
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भगवानपुरा के पुजारी लाल, हरिश्चंद्र, मायाराम, फतेह सिंह, हरी सिंह, मचल सिंह, सुखवीर सिंह, गब्बर सिंह, सवाराम आदि के घर बाढ़ की भेंट चढ़ गए। खेती भी बाढ़ में बर्बाद हो चुकी है। ऐसे पीड़ितों के लिए रहने के ठिकाने के साथ निवाले का इंतजाम करना मुश्किल हुआ है। लोगों ने गांवों में नुकसान के आकलन और बेघर हुए परिवारों को छत मुहैया कराने की मांग की है।
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