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बेवर और मैनपुरी में नहीं हटे अवैध कब्जे
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06एमएनपी-13-नवीन मंडी में लाल निशान लगाकर चिह्नित किए गए अवैध निर्माण
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रदेश की सभी मंडियों में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। केवल मैनपुरी और बेवर की मंडी में ही अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। कार्रवाई की शून्य रिपोर्ट भेजने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसके बाद उप निदेशक मंडी ने मैनपुरी पहुंचकर मामले में कार्रवाई के लिए डीएम से मुलाकात की है।
प्रदेश भर की मंडियों में आढ़तियों ने अवैध निर्माण कर लिए थे।
मामले में मुख्यमंत्री ने सभी अवैध निर्माण ध्वस्त कराने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद प्रदेश भर की मंडियों में अभियान चलाकर कार्रवाई की गई। केवल मैनपुरी और बेवर की मंडी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो सकी। शासन को भेजी गई कार्रवाई की रिपोर्ट में जिले से शून्य रिपोर्ट भेजी गई। इस पर शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंडी परिषद को कार्रवाई के आदेश दिए थे। मामला गरमाया तो उप निदेशक मंडी परिषद आगरा बुधवार को मैनपुरी पहुंचे। उन्होंने डीएम महेंद्र बहादुर सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर व भोगांव को अवैध निर्माण चिह्नित कर कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। वहीं मामले की भनक मंडी की आढ़तियों को भी लग गई है।
मैनपुरी की नवीन मंडी में अवैध कब्जों की भरमार है। हाल ही में मंडी समिति के कराए गए चिह्नीकरण में 230 अवैध निर्माण सामने आए हैं। कुछ निर्माण जहां पक्के हैं तो वहीं कुछ टिनशेड से बनाए गए हैं। पक्के निर्माणों को ध्वस्त कराना मंडी और जिला प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। वहीं बेवर की मंडी में अब तक अवैध निर्माणों का चिह्नांकन नहीं किया जा सकता है।
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नवीन मंडी मैनपुरी में आढ़ती अवैध कब्जों को हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि कब्जों के चिह्नांकन के दौरान ही कई लोगों ने मंडी समिति के कर्मचारियों से अभद्रता की। उनका ब्रश और पेंट का डिब्बा छीनकर फेंक दिया था। वहीं तीन दिन तक मंडी में कुछ घंटों की हड़ताल भी रखी गई है। हालांकि मंडी सचिव का कहना है कि शासन के आदेश पर कार्रवाई होना तय है।
मैनपुरी और बेवर की मंडियों में कब्जे न हटने पर शासन सख्त है। मामले में डीएम से मुलाकात की गई है। उन्होंने कार्रवाई में सहयोग का आश्वासन दिया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
मूलचंद गंगवार, उप निदेशक मंडी परिषद।
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प्रदेश भर की मंडियों में आढ़तियों ने अवैध निर्माण कर लिए थे।
मामले में मुख्यमंत्री ने सभी अवैध निर्माण ध्वस्त कराने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद प्रदेश भर की मंडियों में अभियान चलाकर कार्रवाई की गई। केवल मैनपुरी और बेवर की मंडी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो सकी। शासन को भेजी गई कार्रवाई की रिपोर्ट में जिले से शून्य रिपोर्ट भेजी गई। इस पर शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंडी परिषद को कार्रवाई के आदेश दिए थे। मामला गरमाया तो उप निदेशक मंडी परिषद आगरा बुधवार को मैनपुरी पहुंचे। उन्होंने डीएम महेंद्र बहादुर सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर व भोगांव को अवैध निर्माण चिह्नित कर कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। वहीं मामले की भनक मंडी की आढ़तियों को भी लग गई है।
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मैनपुरी की नवीन मंडी में अवैध कब्जों की भरमार है। हाल ही में मंडी समिति के कराए गए चिह्नीकरण में 230 अवैध निर्माण सामने आए हैं। कुछ निर्माण जहां पक्के हैं तो वहीं कुछ टिनशेड से बनाए गए हैं। पक्के निर्माणों को ध्वस्त कराना मंडी और जिला प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। वहीं बेवर की मंडी में अब तक अवैध निर्माणों का चिह्नांकन नहीं किया जा सकता है।
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नवीन मंडी मैनपुरी में आढ़ती अवैध कब्जों को हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि कब्जों के चिह्नांकन के दौरान ही कई लोगों ने मंडी समिति के कर्मचारियों से अभद्रता की। उनका ब्रश और पेंट का डिब्बा छीनकर फेंक दिया था। वहीं तीन दिन तक मंडी में कुछ घंटों की हड़ताल भी रखी गई है। हालांकि मंडी सचिव का कहना है कि शासन के आदेश पर कार्रवाई होना तय है।
मैनपुरी और बेवर की मंडियों में कब्जे न हटने पर शासन सख्त है। मामले में डीएम से मुलाकात की गई है। उन्होंने कार्रवाई में सहयोग का आश्वासन दिया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
मूलचंद गंगवार, उप निदेशक मंडी परिषद।