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पुलिस फोर्स संग मजिस्ट्रेट ढहाएंगे तालाबों से कब्जे
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आगरा। शहर से लेकर देहात तक तालाबों पर हुए कब्जों को पुलिस फोर्स संग मजिस्ट्रेट ढहाएंगे। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने नगरायुक्त और 15 बीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन तालाबों को पाटकर समतल किया जा चुका है उनकी दोबारा खोदाई के लिए छह तहसीलों से प्रस्ताव मांगे हैं।
तालाबों का कब्जा मुक्त कराने के लिए अमर उजाला मुहिम चला रहा है। राजस्व अभिलेखों में दर्ज 139 तालाबों की 21.347 हेक्टेयर भूमि पर पक्के निर्माण हो गए हैं। जिन्हें हटाने के लिए सालभर से कागजी कवायद हो रही थी। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा, पूरे जिले में तालाबों की सर्वे सूची बनाई जा रही है। तालाब, झील, पोखर व अन्य जलाशयों को उनके पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए शहर में नगर निगम व देहात में एसडीएम व बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा, मैं स्वयं तालाबों के पुर्नउद्धार कार्यों की समीक्षा कर रहा हूं।
नगर निगम के 49 तालाबों में से 34 दफन
नगर निगम क्षेत्र में 49 तालाब राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं। जिनमें 34 तालाब बदहाल हैं। कहीं तालाबों पर बिल्डिंगें खड़ी हैं, तो कहीं तालाब समतल हो चुके हैं। कहीं आवासीय मकान बन रहे हैं, तो कहीं सड़क बन गई। सरकारी विभागों ने ही तालाबों पर कब्जे कर लिए। तहसील व नगर निगम की लापरवाही से शहर में तालाबों के अस्तित्व पर संकट है।
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नर्सरी बनाकर किया कब्जा
संजय प्लेस स्थित कॉसमॉस मॉल के बराबर से मौजा लश्करपुर के गाटा संख्या 538/1 में शहर का सबसे बड़ा 8000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का तालाब राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। जबकि मौके पर उद्यान विभाग ने कब्जा कर नर्सरी बनाई है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने इस कब्जे के संबंध में तहसीलदार व जिला उद्यान अधिकारी से रिकॉर्ड तलब किया है।
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तालाबों का कब्जा मुक्त कराने के लिए अमर उजाला मुहिम चला रहा है। राजस्व अभिलेखों में दर्ज 139 तालाबों की 21.347 हेक्टेयर भूमि पर पक्के निर्माण हो गए हैं। जिन्हें हटाने के लिए सालभर से कागजी कवायद हो रही थी। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा, पूरे जिले में तालाबों की सर्वे सूची बनाई जा रही है। तालाब, झील, पोखर व अन्य जलाशयों को उनके पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए शहर में नगर निगम व देहात में एसडीएम व बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा, मैं स्वयं तालाबों के पुर्नउद्धार कार्यों की समीक्षा कर रहा हूं।
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नगर निगम के 49 तालाबों में से 34 दफन
नगर निगम क्षेत्र में 49 तालाब राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं। जिनमें 34 तालाब बदहाल हैं। कहीं तालाबों पर बिल्डिंगें खड़ी हैं, तो कहीं तालाब समतल हो चुके हैं। कहीं आवासीय मकान बन रहे हैं, तो कहीं सड़क बन गई। सरकारी विभागों ने ही तालाबों पर कब्जे कर लिए। तहसील व नगर निगम की लापरवाही से शहर में तालाबों के अस्तित्व पर संकट है।
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नर्सरी बनाकर किया कब्जा
संजय प्लेस स्थित कॉसमॉस मॉल के बराबर से मौजा लश्करपुर के गाटा संख्या 538/1 में शहर का सबसे बड़ा 8000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का तालाब राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। जबकि मौके पर उद्यान विभाग ने कब्जा कर नर्सरी बनाई है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने इस कब्जे के संबंध में तहसीलदार व जिला उद्यान अधिकारी से रिकॉर्ड तलब किया है।