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मैनपुरी: ट्रांसफार्मर संरक्षण में डीवीवीएनएल के 21 जिलों में मैनपुरी टॉपर
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मैनपुरी। विद्युत वितरण निगम मैनपुरी ने ट्रांसफार्मर संरक्षण में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के 21 जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ये स्थान इसलिए मिला है क्योंकि फरवरी माह में सबसे कम ट्रांसफार्मर मैनपुरी में ही खराब हुए हैं। वहीं कानपुर देहात ने द्वितीय और हमीरपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
विद्युत आपूर्ति के लिए 28288 ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। ओवरलोडिंग, फॉल्ट व अन्य कारणों के चलते हर माह ट्रांसफार्मर खराब भी होते हैं। इससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान होता है। इसके लिए लगातार विद्युत वितरण निगम मैनपुरी ट्रांसफार्मर के खराब होने की दर को कम करने के लिए प्रयास कर रहा है। इसी प्रयास का नतीजा है कि फरवरी 2021 में केवल 64 ट्रांसफार्मर ही खराब हुए। ट्रांसफार्मर खराब होने का प्रतिशत 0.23 प्रतिशत है।
बीते वर्ष फरवरी में ये प्रतिशत 0.58 प्रतिशत था, तब 156 ट्रांसफार्मर खराब हुए थे। बुधवार को डीवीवीएनएल के तहत आने वाले 21 जिलों में ट्रांसफार्मर संरक्षण को लेकर रैंकिंग जारी की गई। इसमें मैनपुरी में फरवरी में सबसे कम ट्रांसफार्मर खराब होने पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 0.28 प्रतिशत ट्रांसफार्मर खराब होने के चलते कानपुर देहात दूसरे स्थान पर और 0.30 प्रतिशत ट्रांसफारर्मर खराब होने के चलते हमीरपुर तीसरे पायदान पर रहा।
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लगातार कराया जा रहा ट्रांसफार्मर का अनुरक्षण
विद्युत वितरण निगम ने ट्रांसफार्मर के खराब होने की दर कम करने के लिए वृहद प्रयास किए हैं। इसके तहत एक ओर जहां बिजली चोरी रोकते हुए ओवरलोडिंग पर नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है तो वहीं हर माह ट्रांसफार्मर के अनुरक्षण का कार्य भी कराया जाता है।
वर्जन
जिले में खराब होने वाले ट्रांसफार्मर की संख्या में लगातार सुधार हो रहा है। फरवरी माह में मैनपुरी डीवीवीएनएल के 21 जिलों में प्रथम स्थानों पर आया है। प्रयास है कि आगे सुधार किया जाए। - अतुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
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विद्युत आपूर्ति के लिए 28288 ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। ओवरलोडिंग, फॉल्ट व अन्य कारणों के चलते हर माह ट्रांसफार्मर खराब भी होते हैं। इससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान होता है। इसके लिए लगातार विद्युत वितरण निगम मैनपुरी ट्रांसफार्मर के खराब होने की दर को कम करने के लिए प्रयास कर रहा है। इसी प्रयास का नतीजा है कि फरवरी 2021 में केवल 64 ट्रांसफार्मर ही खराब हुए। ट्रांसफार्मर खराब होने का प्रतिशत 0.23 प्रतिशत है।
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बीते वर्ष फरवरी में ये प्रतिशत 0.58 प्रतिशत था, तब 156 ट्रांसफार्मर खराब हुए थे। बुधवार को डीवीवीएनएल के तहत आने वाले 21 जिलों में ट्रांसफार्मर संरक्षण को लेकर रैंकिंग जारी की गई। इसमें मैनपुरी में फरवरी में सबसे कम ट्रांसफार्मर खराब होने पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 0.28 प्रतिशत ट्रांसफार्मर खराब होने के चलते कानपुर देहात दूसरे स्थान पर और 0.30 प्रतिशत ट्रांसफारर्मर खराब होने के चलते हमीरपुर तीसरे पायदान पर रहा।
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लगातार कराया जा रहा ट्रांसफार्मर का अनुरक्षण
विद्युत वितरण निगम ने ट्रांसफार्मर के खराब होने की दर कम करने के लिए वृहद प्रयास किए हैं। इसके तहत एक ओर जहां बिजली चोरी रोकते हुए ओवरलोडिंग पर नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है तो वहीं हर माह ट्रांसफार्मर के अनुरक्षण का कार्य भी कराया जाता है।
वर्जन
जिले में खराब होने वाले ट्रांसफार्मर की संख्या में लगातार सुधार हो रहा है। फरवरी माह में मैनपुरी डीवीवीएनएल के 21 जिलों में प्रथम स्थानों पर आया है। प्रयास है कि आगे सुधार किया जाए। - अतुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत।