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योगी सरकार के बजट से फिर मिली मैनपुरी को मायूसी, पर्यटन को नहीं लग सके पंख

Thu, 07 Feb 2019 06:02 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 07 Feb 2019 06:02 PM IST
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mainpuri's people reaction on up government budget 2019
महाराजा तेज सिंह किला
योगी सरकार के बजट से मैनपुरी जिले को फिर मायूसी मिली है। जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं है, लेकिन इसके विकास के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में कोई घोषणा नहीं की है। इसके चलते मैनपुरी के लोग खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं। 
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केंद्र के बाद प्रदेश सरकार के बजट से भी जिले में पर्यटन को पंख लगने की उम्मीद टूट गई है। जिले में ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को संरक्षित करने की मांग की केंद्र के बाद प्रदेश सरकार के बजट में भी अनदेखी की गई है। 
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सरकारी संरक्षण नहीं मिल पाने से इनका उचित रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है। सरकारी उदासीनता के चलते जिले में पर्यटन को पंख नहीं लग पा रहे हैं। अगर पर्यटन को बढ़ावा मिले तो रोजगार के क्षेत्र में भी जिला विकास के रास्ते पर चल पड़ेगा।  
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ऐतिहासिक है तेज सिंह किला  

mainpuri's people reaction on up government budget 2019
मार्कंडेय ऋषि का प्राचीन मंदिर
आजादी के आंदोलन में जिले की अग्रणी भूमिका रही है। महाराजा तेज सिंह का किला आज भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ महाराजा तेज सिंह द्वारा छेड़ी गई बगावत की याद दिलाता है। किले की पीछे की दीवार पर आज भी अंग्रेज सैनिकों द्वारा की गई गोलाबारी के निशान मौजूद हैं। सरकारी संरक्षण के अभाव में किला उपेक्षित हो रहा है।  

ऋषियों की तपोस्थली रही औंछा 
ऋषियों की तपोस्थली के रूप में औंछा की पहचान है। च्यवन ऋषि आश्रम, अजोम कुंड पौराणिक स्थल हैं। च्यवन ऋषि की तपोस्थली के रूप में च्यवन ऋषि आश्रम की मान्यता है। क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में पुराने टीले, प्राचीन मंदिर, आश्रम स्थित हैं, जो देखरेख के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं। औंछा क्षेत्र को संरक्षित करने की मांग अक्सर उठती रही है।  

मार्कंडेय विधूना के टीले, मंदिर बदहाल  
घिरोर क्षेत्र के मार्कंडेय विधूना को मार्कंडेय की तपोस्थली माना जाता है। इनको सभी देवताओं का भांजा कहा जाता है। कहा जाता है अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां अपना समय बिताया था। मार्कंडेय विधूना के टीले, मंदिर, खंडहर सरकारी संरक्षण के अभाव में बदहाल होते जा रहे हैं। मार्कंडेय की याद में दीपावली पर हर साल विधूना में मेला लगता है। 

'मैनपुरी की उपेक्षा की गई'

mainpuri's people reaction on up government budget 2019
औंछा स्थित च्यवन ऋषि आश्रम का अजोम कुंड
स्थानीय निवासी चतुर्भुत सिंह चौहाने कहा कि पौराणिक स्थलों को पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की मुख्यमंत्री से उम्मीद थी। प्रदेश सरकार के बजट में इस बार भी उपेक्षा की गई है। जिले के पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों केे लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए था।  

धनेश वर्मा ने कहा कि पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों को सरकारी संरक्षण मिलने से पर्यटन के नक्शे पर जिले का नाम उभर सकता है। केंद्र के बाद प्रदेश सरकार के बजट में भी उपेक्षा की गई है। प्रदेश सरकार के बजट से भी निराशा हुई है। 
 
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