फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   MAINPURI NEWS sahkari bank loan aggangement

Agra News: सहकारी बैंक को मिले 16 करोड़ लोन में बांटे, आय के स्रोत उपेक्षित

Thu, 24 Jul 2025 12:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:03 AM IST
विज्ञापन
MAINPURI NEWS sahkari bank loan aggangement
जिला सहकारी बैंक। - फोटो : संवाद
मैनपुरी। जिला सहकारी बैंक की माली हालत सुधारने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में मिला 16 करोड़ का भारी-भरकम फंड मुख्य रूप से लोन बांटने में ही खर्च कर दिया गया। बैंक ने इस राशि का सदुपयोग अपनी आय के अन्य संभावित स्रोतों को विकसित करने या निवेश करने में नहीं किया। इससे उसकी वित्तीय स्थिति में दीर्घकालिक सुधार की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।जिला सहकारी बैंक में भारी गड़बड़ियों का खुलासा अधिवक्ता दीपक उर्फ चंचल दीक्षित द्वारा दाखिल की गई शिकायत के बाद हर रोज हो रहा है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 16 करोड़ रुपये आए थे। शासन का उद्देश्य था कि इसे बैंक की आय बढ़ाने के स्रोतों में लगाया जाए। मगर, इसमें से करीब 8 करोड़ रुपये बैंक ने अपनी पुरानी उधारी चुकाने में लगा दिए। शेष लगभग 7 करोड़ की राशि किशनी शाखा के माध्यम से ग्राहकों को लोन के रूप में बांट दी गई। यह दर्शाता है कि बैंक ने फंड का एक बड़ा हिस्सा तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने और कर्ज वितरण में लगा दिया। अब अधिकारी भी इस पर कुछ बोल नहीं रहे हैं।
विज्ञापन


आय के प्रमुख स्रोत उपेक्षित
बैंक के इस वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि उसने आय के अपने प्रमुख केंद्रों पर ध्यान नहीं दिया। बेवर और मैनपुरी में स्थित सहकारी बैंक के कोल्ड स्टोर लंबे समय से बदहाल पड़े हैं। इन कोल्ड स्टोरों को सुधार कर उन्हें आय का एक स्थिर जरिया बनाया जा सकता था लेकिन बैंक ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
विज्ञापन


निवेश का अवसर भी गंवाया
इतना ही नहीं, एक सरकारी बैंक होने के बावजूद सहकारी बैंक ने मिले पैसे को म्यूचुअल फंड या गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश करने का अवसर भी गंवा दिया। इन वित्तीय साधनों में निवेश से बैंक अतिरिक्त आय अर्जित कर सकता था, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होती। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल लोन बांटने से बैंक की वित्तीय स्थिति में स्थायी सुधार नहीं आ सकता। पहले से ही जिला सहकारी बैंक का लोन के माध्यम से बांटा गया 50 करोड़ रुपये डूबे हुए हैं। ऐसे में आय के स्रोतों को मजबूत करना और सुरक्षित निवेश करना महत्वपूर्ण था।
विज्ञापन
विज्ञापन


---------------------
सहकारी बैंक की कैश अलमारी की
चाबी गुम होने के मामले में लीपापोती

- सूचना पर पुलिस भी पहुंची शाखा, नहीं दी तहरीर, उच्चाधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिला सहकारी बैंक की सहन शाखा (थाना कुर्रा) में मंगलवार को कैश अलमारी की चाबी गुम होने के मामले में लीपापोती कर दी गई है। मंगलवार देर शाम इस मामले में डायल 112 पर फोन किया गया जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बैंककर्मियों और अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी। नतीजतन, यह मामला भी लीपापोती का शिकार हो गया है और ठंडे बस्ते में चला गया। इससे पहले भी औंछा शाखा में चाबियां खोने का ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें कुछ भी उजागर नहीं हुआ था। यह लगातार हो रही लापरवाही बैंक की कार्यप्रणाली और खाताधारकों के धन की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं बढ़ाती है।

बैंक स्टाफ के अनुसार, नियमानुसार कैश अलमारी की दो चाबियां होती हैं। एक कैशियर के पास और दूसरी शाखा प्रबंधक के पास। अलमारी खोलने के लिए दोनों चाबियों का एक साथ उपयोग करना होता है क्योंकि उनके लॉक अलग-अलग होते हैं। ऐसे में प्रबंधक के पास वाली चाबी का खो जाना सीधे तौर पर बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। थाना कुर्रा प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची थी मगर किसी ने कोई तहरीर नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed