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मैनपुरी: परिवाद के साथ ही अब देना होगा शपथपत्र
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मैनपुरी। न्यायालय में अब परिवाद दाखिल करते समय ही वादी को शपथपत्र देना होगा। परिवाद में की गई शिकायत का समर्थन शपथपत्र के माध्यम से किया जाएगा। बिना शपथपत्र के न्यायालय में परिवाद मंजूर नहीं किया जाएगा। शपथपत्र के साथ ही परिवादी को अपना पहचानपत्र भी जमा करना जरूरी होगा। नई प्रक्रिया जनवरी 2024 से कड़ाई से लागू होगी।
जमीन के मामलों के साथ ही पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने पर पीड़ित पक्ष न्याय पाने के लिए न्यायालय में परिवाद दाखिल करता है। परिवाद पर संज्ञान लेकर ही पीठासीन अधिकारी कार्रवाई करते हैं।
हाईकोर्ट ने अब परिवाद दाखिल करते समय ही परिवादी का परिवाद के समर्थन में शपथपत्र तथा पहचानपत्र जमा कराना अनिवार्य किया है। परिवाद के साथ शपथपत्र तथा पहचानपत्र जमा नहीं होने की स्थिति में न्यायालय में परिवाद मंजूर नहीं किए जाएंगे। अधूरे परिवादों पर न्यायालय द्वारा संज्ञान ही नहीं लिया जाएगा। न्यायालयों में नई प्रक्रिया जनवरी 2024 से कड़ाई से लागू की जाएगी।
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सभी अदालतों में करना होगा पालन
नई व्यवस्था दीवानी न्यायालयों सहित अन्य न्यायालयों में भी लागू होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सहित राजस्व न्यायालय भी नई व्यवस्था के दायरे में होंगे। सभी अदालतों में परिवाद के साथ ही परिवार के समर्थन में परिवादी का शपथपत्र, पहचानपत्र जमा करना जरूरी होगा।
नई व्यवस्था का वादकारियों को लाभ होगा। शपथपत्र देने वाले की कानूनी जवाबदेही तय होगी। पहचानपत्र जमा करने से परिवादी की पहचान भी साबित होगी। परिवादी की जिम्मेदारी भी होगी। गलत शपथपत्र देने वाले के खिलाफ न्यायालय कार्रवाई भी कर सकता है।
- चतुर सिंह, पूर्व डीजीसी फौजदारी
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जमीन के मामलों के साथ ही पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने पर पीड़ित पक्ष न्याय पाने के लिए न्यायालय में परिवाद दाखिल करता है। परिवाद पर संज्ञान लेकर ही पीठासीन अधिकारी कार्रवाई करते हैं।
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हाईकोर्ट ने अब परिवाद दाखिल करते समय ही परिवादी का परिवाद के समर्थन में शपथपत्र तथा पहचानपत्र जमा कराना अनिवार्य किया है। परिवाद के साथ शपथपत्र तथा पहचानपत्र जमा नहीं होने की स्थिति में न्यायालय में परिवाद मंजूर नहीं किए जाएंगे। अधूरे परिवादों पर न्यायालय द्वारा संज्ञान ही नहीं लिया जाएगा। न्यायालयों में नई प्रक्रिया जनवरी 2024 से कड़ाई से लागू की जाएगी।
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सभी अदालतों में करना होगा पालन
नई व्यवस्था दीवानी न्यायालयों सहित अन्य न्यायालयों में भी लागू होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सहित राजस्व न्यायालय भी नई व्यवस्था के दायरे में होंगे। सभी अदालतों में परिवाद के साथ ही परिवार के समर्थन में परिवादी का शपथपत्र, पहचानपत्र जमा करना जरूरी होगा।
नई व्यवस्था का वादकारियों को लाभ होगा। शपथपत्र देने वाले की कानूनी जवाबदेही तय होगी। पहचानपत्र जमा करने से परिवादी की पहचान भी साबित होगी। परिवादी की जिम्मेदारी भी होगी। गलत शपथपत्र देने वाले के खिलाफ न्यायालय कार्रवाई भी कर सकता है।
- चतुर सिंह, पूर्व डीजीसी फौजदारी