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चार और गोवंश में मिले लंपी संक्रमित, भेजे सैंपल
सार
जिले में लंपी वायरस से संक्रमित गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है।इस तरह से जिले में लंपी वायरस से संक्रमित गोवंशों की संख्या 16 हो गई है।वहीं गोवंशों को संक्रमण से बचाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग टीकाकरण में तेजी लाया है।
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विस्तार
कासगंज। जिले में लंपी वायरस से संक्रमित गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को चार और गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित मिले। इस तरह से जिले में लंपी वायरस से संक्रमित गोवंशों की संख्या 16 हो गई है। वहीं गोवंशों को संक्रमण से बचाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग टीकाकरण में तेजी लाया है। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार अब तक 46000 गोवंशों का टीकाकरण किया जा चुका है।
बुधवार को गढ़िया नरसू ग्राम में तीन गोवंशों में लंपी वायरस संक्रमण के लक्षण मिले। सूचना पर पशु चिकित्सक की टीम मौके पर पहुंचकर सैंपल लिए। वहीं पशुुपालकों को सलाह दी कि वह संक्रमण से बचाने के लिए अन्य पशुओं को संक्रमित पशु से दूर रखें। सोरोंजी के तोलकपुर ग्राम में भी एक गोवंश में लंपी वायरस के लक्षण मिले। इससे पूर्व 12 गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित मिल चुके हैं। इसकी रोकथाम के लिए पशु चिकित्सा विभाग ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें बचाव की जानकारी दे रहे हैं। जिन ग्रामों में पशु संक्रमित पाए गए हैं वहां टीकाकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिससे अन्य गोवंशों को संक्रमण से बचाया जा सके।
लंपी वायरस से बचाव के लिए गोवंशों का टीकाकरण किया जा रहा है। टीका लगने के 14 दिन बाद ही गोवंशों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। टीकाकरण के 14 दिनों तक गोवंश को संक्रमित गोवंशों से दूर रखें और सावधानी बरतें।
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लंपी वायरस से बचाव के लिए जहां गोवंशों को बांध रहे हैं वहां साफ सफाई रखना बेहद जरूरी है। मक्खी और मच्छरों से गोवंशों का बचाव करें। मक्खी और मच्छर अधिक होंगे तो वायरस फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
लंपी वायरस से गोवंशों को बचाव के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैँ। टीकाकरण तेजी से कराया जा रहा है और ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। अभी तक 46000 गोवंश का टीकाकरण हो चुका है। जनपद को 20000 वैक्सीन और मिल गई हैं। - एके सागर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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बुधवार को गढ़िया नरसू ग्राम में तीन गोवंशों में लंपी वायरस संक्रमण के लक्षण मिले। सूचना पर पशु चिकित्सक की टीम मौके पर पहुंचकर सैंपल लिए। वहीं पशुुपालकों को सलाह दी कि वह संक्रमण से बचाने के लिए अन्य पशुओं को संक्रमित पशु से दूर रखें। सोरोंजी के तोलकपुर ग्राम में भी एक गोवंश में लंपी वायरस के लक्षण मिले। इससे पूर्व 12 गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित मिल चुके हैं। इसकी रोकथाम के लिए पशु चिकित्सा विभाग ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें बचाव की जानकारी दे रहे हैं। जिन ग्रामों में पशु संक्रमित पाए गए हैं वहां टीकाकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिससे अन्य गोवंशों को संक्रमण से बचाया जा सके।
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लंपी वायरस से बचाव के लिए गोवंशों का टीकाकरण किया जा रहा है। टीका लगने के 14 दिन बाद ही गोवंशों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। टीकाकरण के 14 दिनों तक गोवंश को संक्रमित गोवंशों से दूर रखें और सावधानी बरतें।
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लंपी वायरस से बचाव के लिए जहां गोवंशों को बांध रहे हैं वहां साफ सफाई रखना बेहद जरूरी है। मक्खी और मच्छरों से गोवंशों का बचाव करें। मक्खी और मच्छर अधिक होंगे तो वायरस फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
लंपी वायरस से गोवंशों को बचाव के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैँ। टीकाकरण तेजी से कराया जा रहा है और ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। अभी तक 46000 गोवंश का टीकाकरण हो चुका है। जनपद को 20000 वैक्सीन और मिल गई हैं। - एके सागर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।