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लखनऊ हत्याकांड: बहनों को किडनी बेचने की धमकी, अरशद का वो घिनौना सच...जिसने दोजख से बुरी की परिवार की जिंदगी

Fri, 03 Jan 2025 10:20 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 03 Jan 2025 10:20 AM IST
सार

अरशद की चार बहनों में से तीन जो बड़ी बहनें थीं, उनकी जिंदगी दोजख से भी बुरी रही। इनकी तकलीफ से पड़ोसी वाकिफ थे। अरशद अपनी बहनों की किडनी बेचने की धमकी देता था।

 

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Lucknow Mass Murder Another Shocking Revelation About Arshad Life is worse than hell for sisters
अरशद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा इस्लाम नगर की रहने वाली चार बहनों और मां की हत्या ने उनके पड़ोसियों को झकझोर कर रख दिया है। सबसे छोटी बहन आलिया की सहेली मासूम बोलते हुए फफक पड़ती है कि आलिया कभी खिड़की तो कभी छत पर आकर उससे कहती थी कि अब्बू और भाई बहुत मारते हैं, मुझे बचा ले। महिलाओं ने बताया कि लड़कियां कहती थीं कि दोजख से बुरी है जिंदगी। लोग बोले कि मरने के बाद कम से कम इससे निजात तो मिल गई।

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पड़ोसियों ने बदरुद्दीन और उसके बेटे अरशद की करतूतें बताईं। बड़ों से लेकर बच्चों तक को उनके अपनी मां और बेटियों के साथ बुरे बर्ताव की जानकारी थी। लेकिन उनके झगड़ालू स्वभाव के कारण कोई समझाने की कोशिश नहीं करता था। जो भी उन्हें समझाने की कोशिश करता था, उसके साथ वह झगड़ा करने पर आमादा हो जाते थे। लगभग सभी पड़ोसियों ने यही बातें बताईं। पड़ोसी बन्नो ने बताया कि वह बहनों की किडनी बेचने की धमकी देता था। 
 

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कहता था कि लखनऊ में जाकर उनकी किडनी बेच देगा। कई बार लड़कियां खुद को बचाने के लिए पड़ोसियों से कहती थीं, हमें बचा लो, यह दोनों हमें मार डालेंगे। लेकिन कोई उनसे पंगा नहीं लेना चाहता था। बन्नो का कहना था कि लड़कियां कहती थीं कि हमारी जिंदगी दोजख से बुरी है। अब उन्हें मौत मिलने से कम से कम दोजख से तो निजात मिल गई। 10 साल की अल्सिम ने बताया कि आलिया कई बार उसके साथ खेलने की कहती थी मगर फिर डर कर भाग जाती थी। कहती थी भाई बहुत मारेगा। उसे बचा लो। 
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बताया कि कई बार छत पर आकर रोती थी। मासूम अल्सिम अपनी सहेली की मौत की खबर सुनकर फफक पड़ती है। पड़ोसियों ने बताया कि इस तरह के लोगों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है। लड़कियों की मां को भी इस डर के कारण मौत की सजा मिल गई। काश मां ही बेटियों को बचाने के लिए कोई पहल करती तो तीनों की जान नहीं जाती।

 
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