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UP: पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनाने वाली जनता पार्टी को न मिला था चुनाव चिह्न, इस दल के निशान पर लड़ा था चुनाव
Mon, 18 Mar 2024 01:44 PM IST
शाहरुख खान
संजीव सिंह, अमर उजाला, आगरा
संजीव सिंह, अमर उजाला, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 18 Mar 2024 01:44 PM IST
सार
पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनाने वाली जनता पार्टी को चुनाव चिह्न भी नहीं मिला था। जनता पार्टी ने भारतीय लोकदल के चुनाव चिह्न हलधर पर चुनाव लड़ना पड़ा था।
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Lok Sabha Elections 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आपातकाल के बाद 1977 में छठवीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस को भारी शिकस्त देने वाली जनता पार्टी को अपना चुनाव चिह्न तक नहीं मिल सका था। इमरजेंसी की ज्यादतियों के बाद कई दलों ने मिलकर जनता पार्टी का गठन किया, लेकिन पार्टी के घटक दल भारतीय लोकदल के चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरना पड़ा।
अमर उजाला में 15 जनवरी 1977 को प्रकाशित खबर के अनुसार, तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त टी रामास्वामी ने घोषणा की थी कि नव गठित जनता पार्टी को निर्वाचन के लिए चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया गया है। सुरक्षित चुनाव चिह्न सिर्फ मान्यता प्राप्त दलों को दिया जा सकता था।
नियम के अनुसार मान्यता केवल उसी दल को मिल सकती थी, जो पांच साल पुरानी हो और कम से कम 4 प्रतिशत मत प्राप्त किए हो, अथवा संसद या विधानमंडलों में उसके सदस्य निर्वाचित हुए हों। इसके बाद जनता पार्टी के नेताओं ने कई चुनाव चिह्नों को लेकर चर्चा की।
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पार्टी के नेताओं में आखिरकार भारतीय लोकदल के चुनाव चिह्न पर सहमति बनी। जनता पार्टी चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व वाली भारतीय लोकदल के चुनाव चिह्न हलधर किसान से चुनाव मैदान में उतरी। चुनाव में जनता पार्टी ने भारी भरकम जीत दर्ज की और मोरारजी देसाई पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री बने।
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अमर उजाला में 15 जनवरी 1977 को प्रकाशित खबर के अनुसार, तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त टी रामास्वामी ने घोषणा की थी कि नव गठित जनता पार्टी को निर्वाचन के लिए चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया गया है। सुरक्षित चुनाव चिह्न सिर्फ मान्यता प्राप्त दलों को दिया जा सकता था।
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नियम के अनुसार मान्यता केवल उसी दल को मिल सकती थी, जो पांच साल पुरानी हो और कम से कम 4 प्रतिशत मत प्राप्त किए हो, अथवा संसद या विधानमंडलों में उसके सदस्य निर्वाचित हुए हों। इसके बाद जनता पार्टी के नेताओं ने कई चुनाव चिह्नों को लेकर चर्चा की।
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पार्टी के नेताओं में आखिरकार भारतीय लोकदल के चुनाव चिह्न पर सहमति बनी। जनता पार्टी चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व वाली भारतीय लोकदल के चुनाव चिह्न हलधर किसान से चुनाव मैदान में उतरी। चुनाव में जनता पार्टी ने भारी भरकम जीत दर्ज की और मोरारजी देसाई पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री बने।
जनता पार्टी में शामिल थे ये प्रमुख दल
जनता पार्टी का गठन 23 जनवरी 1977 को हुआ था। इसमें प्रमुख रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ), भारतीय लोकदल, भारतीय जनसंघ, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी जैसे दल शामिल थे। जनता पार्टी में कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेता भी शामिल हो गए थे।
जनता पार्टी का गठन 23 जनवरी 1977 को हुआ था। इसमें प्रमुख रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ), भारतीय लोकदल, भारतीय जनसंघ, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी जैसे दल शामिल थे। जनता पार्टी में कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेता भी शामिल हो गए थे।