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दल बदलू भी नहीं दिला सके राजबब्बर को जीत, चुनाव में इन दिग्गजों ने थामा था 'हाथ'
Fri, 24 May 2019 09:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 24 May 2019 09:08 AM IST
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प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर व अन्य लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव के एलान के बाद दल बदल करने वालों की संख्या एकाएक बढ़ गई थी। हर दिन दो से तीन नेताओं ने दल बदल का सिलसिला शुरू कर दिया, लेकिन इनमें से कई नेताओं का दल बदलना न तो उनके काम आया और न ही प्रत्याशी के, जबकि कई नेताओं का भाजपा में शामिल होना फायदे का सौदा रहा।
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राज बब्बर
- फोटो : ANI
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को प्रत्याशी बनाया गया। मुख्य मुकाबले में आने के लिए राज बब्बर ने आगरा आने के बाद अपनी पहली ही प्रेस कान्फ्रेंस में चार पूर्व विधायकों को बसपा और रालोद से तोड़ लिया। एत्मादपुर के पूर्व विधायक डा. धर्मपाल सिंह, खेरागढ़ के पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह और फतेहपुर सीकरी के पूर्व विधायक सूरजपाल सिंह के साथ रालोद में रहे अनिल चौधरी बब्बर के साथ नजर आए।
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भाजपा के विजयी प्रत्याशी राजकुमार चाहर, कांग्रेस के राजबब्बर हारे
- फोटो : अमर उजाला
बसपा के तीनों पूर्व विधायकों का बब्बर के साथ आना भी उनके काम न आया। कभी दयालबाग, जो अब आगरा ग्रामीण के नाम से जानी जाती है, से विधायक रहे डा. धर्मपाल सिंह ग्रामीण विधानसभा सीट में बब्बर को केवल 31,810 वोट ही पा सके, जबकि बसपा प्रत्याशी को 67,158 वोट मिले। पिछले विधानसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी 31,312 वोट पाने में सफल रहे थे। यही हाल खेरागढ़ का रहा, जहां वह 40,249 वोट पर सिमट गए।
बसपा प्रत्याशी भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित (फाइल)
सियासी हवा को महसूस कर दल बदल करने वालों में कई ऐसे थे, जिन्होंने भाजपा का दामन थामा। इनमें बसपा के पूर्व विधायक गुटियारी लाल दुवेश प्रमुख रहे। फतेहपुर सीकरी में एक के बाद एक बसपा के उम्मीदवार बदलते गए। पहले सीमा उपाध्याय ने मैदान छोड़ा। फिर दिल्ली के कारोबारी राजवीर को टिकट मिला। उनका भी पत्ता साफ हो गया। आखिर में डिबाई से श्रीभगवान शर्मा आए पर चल नहीं पाए।
रामसकल गुर्जर अमित शाह के साथ (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उनके साथ बसपा के मेयर प्रत्याशी रहे दिगंबर सिंह धाकरे और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त अजयशील गौतम भी भगवा रंग में रंग गए। सपा नेता भी चुनाव के मौके पर दल बदल में पीछे नहीं रहे। सपा के पूर्व मंत्री एमएलसी रामसकल गुर्जर, पूर्व एमएलसी अनुराग शुक्ला और फतेहाबाद के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भी भाजपाई हो गए।