आगरा: फर्जी आधार कार्ड बनाकर ठेकेदार के नाम पर लिया लोन, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
आगरा में फर्जीवाड़ा कर फाइनेंस कंपनी से लोन लेने का मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस ठेकेदार के नाम से लोन लिया गया, उनको पता तक नहीं चला। जब फाइनेंस कर्मी उनके घर पहुंचे तो जानकारी हुई।
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आगरा की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर छह निवासी कंस्ट्रक्शन ठेकेदार विशाल शर्मा के आवास के पते पर फर्जी आधार कार्ड बनाकर फाइनेंस कंपनी से लोन ले लिया गया। रिकवरी टीम के घर आने पर उन्हें जानकारी हुई। कोर्ट के आदेश पर थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया।
विशाल शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा कि वह पिता के आवास में परिवार सहित रहते हैं। आरोप लगाया कि बरहन निवासी प्रशांत कुमार ने आवास विकास कॉलोनी स्थित बजाज फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से सांठगांठ करके उनके आवास के पते का फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इसके बाद फाइनेंस कंपनी से ऋण स्वीकृत करा लिया।
फाइनेंस कर्मी घर पहुंचे तो हुई जानकारी
इस लोन की विशाल को कोई जानकारी नहीं थी। उनके घर पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी आए। उन्होंने लोन के बारे में बताया। किस्त के रूप में 78,482 रुपये अदा करने के लिए कहा। उन्होंने किसी तरह का ऋण लेने से इनकार किया। इस पर गालीगलौज करने लगे। भुगतान नहीं करने पर जबरन घर से उठाकर जान से मारने की धमकी दी। इससे पीड़ित का परिवार दहशत में है।
उन्होंने 29 नवंबर 2021 को एसएसपी को पत्र भेजकर शिकायत की। मगर, मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। 22 मार्च को कोर्ट के आदेश पर थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित विशाल शर्मा का कहना है कि अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे वह भटकने को मजबूर हैं। थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक प्रवींद्र कुमार का कहना है कि प्रकरण में जांच की जा रही है। साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में पकड़ा गया था गैंग
प्रभारी निरीक्षक प्रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दिनों बजाज फाइनेंस कंपनी से सामान के नाम पर ऋण लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में आठ लोग पकड़े गए थे। आरोपी लोगों से आधार कार्ड लेते थे। उन्हें दस हजार रुपये दे देते थे। इसके बाद 70 से 80 हजार की खरीदारी का लोन लेते थे। इसके लिए फर्जी इनवाइस शोरूम संचालक तैयार करते थे। ठेकेदार के साथ मामला भी इसी तरह की धोखाधड़ी का लग रहा है।