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वाह रे सिस्टम: जीवत को कागजों में घोषित करा दिया मृत, एसडीएम के पास पहुंची पीड़ित; बोला- साहब अभी जिंदा हूं
Tue, 21 Nov 2023 11:41 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 21 Nov 2023 11:41 AM IST
सार
उपजिलाधिकारी के पास पहुंचे बुजुर्ग ने कहा कि 'साहब मैं अभी जिंदा हूं लेकिन कर्मियों ने कागजों में मृत घोषित कर दिया है। इस वजह से तीन साल से पेंशन नहीं मिल रही है।'
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उपजिलाधिकारी के पास पहुंचा बुजुर्ग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फतेहाबाद में सोमवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचे वृद्ध ने एक हजार रुपये न देने पर ग्राम सचिव पर अभिलेखों में मृत दर्ज कर देने का आरोप लगाया। उसने एसडीएम से कहा कि साहब अभी मैं जिंदा हूं, फिर भी उसे मृत दर्शाकर तीन साल से उसकी पेंशन बंद कर दी गई है। वह पेंशन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
गांव कुतुकपुर गोला निवासी राम सिंह ने उपजिलाधिकारी फतेहाबाद विजय शर्मा के कार्यालय पहुंचकर उन्हें प्रार्थनापत्र दिया। बताया कि ग्राम सचिव ने मुझे कागजों में मृतक दिखा कर पेंशन बंद करा दी है। आरोप लगाया कि सचिव ने एक हजार रुपये घूस की मांग की थी। नहीं देने पर मृत दर्ज कर दिया। इससे जुलाई 2021 से पेंशन बंद हो गई है। इससे पहले वह एसडीएम फतेहाबाद, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को भी शिकायतीपत्र भेज चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
उपजिलाधिकारी फतेहाबाद विजय शर्मा ने क्षेत्रीय लेखपाल को 24 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि मामला गंभीर है, जो व्यक्ति जिंदा है, उसे लापरवाही से सत्यापन में मृतक दिखा दिया गया है। जिसकी जांच कराई जा रही है। उसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र लिखकर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
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गांव कुतुकपुर गोला निवासी राम सिंह ने उपजिलाधिकारी फतेहाबाद विजय शर्मा के कार्यालय पहुंचकर उन्हें प्रार्थनापत्र दिया। बताया कि ग्राम सचिव ने मुझे कागजों में मृतक दिखा कर पेंशन बंद करा दी है। आरोप लगाया कि सचिव ने एक हजार रुपये घूस की मांग की थी। नहीं देने पर मृत दर्ज कर दिया। इससे जुलाई 2021 से पेंशन बंद हो गई है। इससे पहले वह एसडीएम फतेहाबाद, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को भी शिकायतीपत्र भेज चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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उपजिलाधिकारी फतेहाबाद विजय शर्मा ने क्षेत्रीय लेखपाल को 24 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि मामला गंभीर है, जो व्यक्ति जिंदा है, उसे लापरवाही से सत्यापन में मृतक दिखा दिया गया है। जिसकी जांच कराई जा रही है। उसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र लिखकर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
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