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Agra News: नन्ही लाश... अंतिम संस्कार के लिए नाव से करते रहे जगह की तलाश
Sun, 07 Sep 2025 10:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 07 Sep 2025 10:51 PM IST
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गांव मूंजखेड़ा में बुखार से मृतक बालक का अंतिम संस्कार करने के लिए मोटर वोट पर सवार होकर जाते
- फोटो : गांव मूंजखेड़ा में बुखार से मृतक बालक का अंतिम संस्कार करने के लिए मोटर वोट पर सवार होकर जाते ग्रामीण ।
पटियाली। चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरे गांव मुंजखेड़ा में रहने वाले प्रमोद की बेबसी देखिए। बाढ़ के पानी के कारण फैली बीमारियों ने 7 साल के बेटे की जिंदगी लील ली।
शनिवार शाम को उसका शव लेकर गांव पहुंचे तो यह समझ में नहीं आ रहा था कि कहां अंतिम संस्कार करें...? क्योंकि दूर-दूर तक पानी ही पानी है। पूरी रात शव घर में रखा रहा। रविवार को नाव से 4 किमी दूर ले जाकर गांव नगला हंसी के पास बने बांध पर अंतिम संस्कार करना पड़ा।
तहसील क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे गांव एक माह से बाढ़ की चपेट में हैं। संपर्क मार्ग कट चुके हैं। गांव नगला जय किशन में बुखार से पहले एक बालक की मौत हाे चुकी है। गांव मुंजखेड़ा निवासी प्रमोद के बेटे गोरेलाल (7) की भी तेज बुखार आने से शनिवार को मौत हो गई। परिजन फर्रुखाबाद के अस्पताल से उसका शव लेकर देर शाम गांव पहुंचे तो चारों तरफ बाढ़ का पानी अधिक भरा होने के चलते शव का अंतिम संस्कार करने की समस्या खड़ी हो गई। परिजन और गांव के लोग पूरी रात शव को रखे रहे। सोच-विचार करते रहे कि अंतिम संस्कार कहां किया जाए।
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रविवार को गांव से करीब चार किलोमीटर दूर गांव नगला हंसी के पास बने ऊंचे से बांध पर शव को दफनाने का फैसला लिया गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण नाव से उसका शव वहां ले गए और दफना दिया।
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शनिवार शाम को उसका शव लेकर गांव पहुंचे तो यह समझ में नहीं आ रहा था कि कहां अंतिम संस्कार करें...? क्योंकि दूर-दूर तक पानी ही पानी है। पूरी रात शव घर में रखा रहा। रविवार को नाव से 4 किमी दूर ले जाकर गांव नगला हंसी के पास बने बांध पर अंतिम संस्कार करना पड़ा।
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तहसील क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे गांव एक माह से बाढ़ की चपेट में हैं। संपर्क मार्ग कट चुके हैं। गांव नगला जय किशन में बुखार से पहले एक बालक की मौत हाे चुकी है। गांव मुंजखेड़ा निवासी प्रमोद के बेटे गोरेलाल (7) की भी तेज बुखार आने से शनिवार को मौत हो गई। परिजन फर्रुखाबाद के अस्पताल से उसका शव लेकर देर शाम गांव पहुंचे तो चारों तरफ बाढ़ का पानी अधिक भरा होने के चलते शव का अंतिम संस्कार करने की समस्या खड़ी हो गई। परिजन और गांव के लोग पूरी रात शव को रखे रहे। सोच-विचार करते रहे कि अंतिम संस्कार कहां किया जाए।
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रविवार को गांव से करीब चार किलोमीटर दूर गांव नगला हंसी के पास बने ऊंचे से बांध पर शव को दफनाने का फैसला लिया गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण नाव से उसका शव वहां ले गए और दफना दिया।