Agra: 10 साल की बेटी से दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता को आजीवन कारावास, आत्महत्या को मजबूर हो गई थी पीड़िता
सौतेले पिता ने दो साल तक नाबालिग बेटी का यौन शोषण किया था। इससे आहत पीड़िता आत्महत्या करने के लिए घर से निकल गई। जानकारी होने पर उसे बचा लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) सर्वजीत कुमार सिंह ने थाना कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 10 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के मामले में सौतेले पिता को दोषी पाया। कोर्ट ने शुक्रवार को उसे आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना राशि पीड़िता को अदा करने के आदेश किए हैं।
पीड़िता की मां ने मुकदमा दर्ज कराया था। महिला के पहले पति की मौत हो गई थी। उन्होंने अभियुक्त से दूसरा निकाह किया था। पहले पति से उनकी एक बेटी (पीड़िता) थी। वह कक्षा छह में पढ़ती थी। वहीं दो पुत्रियां और हुईं। महिला एक जगह काम करती थी। रोजाना सुबह काम पर चली जाती थी, शाम को लौटकर आती थी।
उसका पति इसका फायदा उठाता था। सौतेली बेटी से दुष्कर्म करता था। विरोध करने पर उसे धमकी देता था। 27 नवंबर 2013 को भी दुष्कर्म किया। इसके बाद अपने तीन-चार और परिचितों को बुलाकर गलत काम करने का दबाव डाल रहा था। ऐसा नहीं करने पर बेटी को जान से मारने की धमकी दी थी।
दो साल से कर रहा था गलत काम
बालिका ने मां को घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि दो साल से सौतेला पिता गलत काम कर रहा है। इस पर महिला ने थाना में शिकायत की। मुकदमा दर्ज किया गया। विशेष लोक अभियोजक विमलेश आनंद, एडीजीसी नाहर सिंह तोमरा और अधिवक्ता देव चौधरी ने कोर्ट में पीड़िता और वादिया सहित आठ गवाह पेश किए। इस पर कोर्ट ने सजा सुनाई।
आत्महत्या के लिए हो गई थी मजबूर
पीड़िता अपने सौतेले पिता की हरकत की वजह से आत्महत्या के लिए मजबूर हो गई थी। वह घर से बिना बताए निकल गई थी। इसके बाद बिजलीघर पहुंच गई थी। वह ट्रेन के आगे कूदना चाहती थी। मगर, उसे मौसा ने देख लिया। उसे बचा लिया था। घर लौटकर उसने मां को सारी घटना बताई थी।
पिता-पुत्री के रिश्ते को किया कलंकित
कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी किया कि अभियुक्त ने सौतेला पिता होते हुए नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म जैसा घृणित कार्य किया। उसने पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित कर दिया। अभियुक्त का कृत्य बहुत ही घृणित है। ऐसे अपराधियों का समाज में स्वच्छंद रहना घातक है।