Mathura: छात्र के दो टुकड़े करने वाले चार हत्यारों को उम्रकैद की सजा, 15 साल बाद पीड़ित परिवार को मिला न्याय
मथुरा के बलदेव क्षेत्र में 22 फरवरी 2007 में छात्र का कटा हुआ सिर मिला था। उसका धड़ कुएं से बरामद हुआ। छात्र की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी। अदालत ने इस हत्याकांड के चार दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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मथुरा में प्रेम प्रसंग के चलते छात्र का सिर धड़ से अलग कर फेंकने की वारदात में शामिल चार अभियुक्तों को अदालत ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। छात्र का सिर और धड़ अलग-अलग क्षेत्रों से बरामद हुए थे। सभी अभियुक्त जमानत पर चल रहे थे। अदालत का फैसला आने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
वारदात 22 फरवरी 2007 की है। बलदेव थाना क्षेत्र के ग्राम सेलखेड़ा पटलौनी के निकट खेत में छात्र का कटा हुआ सिर मिला था। दूसरे दिन 23 फरवरी को बलदेव थाना क्षेत्र में अवैरनी के ग्राम यौन्नी के एक खेत के कुएं में धड़ बरामद हुआ। इस मामले में हत्या की रिपोर्ट ग्राम पटलोनी निवासी अमर सिंह ने बलदेव थाने में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ कराई थी।
सादाबाद का रहने वाला था छात्र
बाद में शव की शिनाख्त ग्राम घूंसा सादाबाद निवासी बहुरन सिंह ने 17 वर्षीय पुत्र आशीष के रूप में की। उसने बलदेव थाने में दी तहरीर में बताया कि उसका बेटा सादाबाद के कैप्टन प्यारेलाल इंटर कॉलेज की कक्षा 11 का छात्र था। वह 19 फरवरी की सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकला था। उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। समाचारपत्रों के माध्यम से उसे बलदेव थाना क्षेत्र में एक शव मिलने का पता चला था। उसके बाद उन्होंने बलदेव थाने पहुंच कर शव की पहचान की।
पुलिस ने आशीष की हत्या का खुलासा करते हुए अवैरनी निवासी अनूप, संजय उर्फ संजू, राजस्थान के भरतपुर जिले के निवासी समय सिंह और विजय को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम हरेंद्र प्रसाद की अदालत में हुई।
दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा
एडीजीसी राजू सिंह ने बताया कि आशीष की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी। उसके शव को बलदेव थाना क्षेत्र में दो हिस्सों में फेंका गया था। अदालत ने अनूप, संजय उर्फ संजू, समय सिंह और विजय को आशीष की हत्या का दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्त जमानत पर थे। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने सभी का सजाई वारंट बना कर उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।