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दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में छह साल पहले एक किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) पूनम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ वर्ष 2015 और 2016 में गांव के ही सुनील उर्फ विक्रम ने डरा धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया। इससे किशोरी गर्भवती हो गई। जानकारी होने पर किशोरी की मां ने एक मार्च 2016 को सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। पुलिस ने सुनील को पकड़कर जेल भेज दिया।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पूनम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। एडीजीसी अनूप यादव और विश्वजीत राठौर की दलीलों तथा गवाही के आधार पर सुनील को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस दौरान सुनील की किसी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बृहस्पतिवार को उसे जेल से अदालत में लाया गया। सजा के बाद फिर से जेल भेज दिया गया। एडीजीसी अनूप यादव ने बताया कि स्पेशल जज पूनम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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सरकार से भी मिले मुआवजा
स्पेशल जज पूनम ने आदेश में लिखा है कि पीड़िता को दी जाने वाली धनराशि पर्याप्त नहीं है। उसको शासन से भी मुआवजा दिलाया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी और विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण के तहत शासन से मुआवजा दिलाने की विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ वर्ष 2015 और 2016 में गांव के ही सुनील उर्फ विक्रम ने डरा धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया। इससे किशोरी गर्भवती हो गई। जानकारी होने पर किशोरी की मां ने एक मार्च 2016 को सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। पुलिस ने सुनील को पकड़कर जेल भेज दिया।
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मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पूनम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। एडीजीसी अनूप यादव और विश्वजीत राठौर की दलीलों तथा गवाही के आधार पर सुनील को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस दौरान सुनील की किसी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बृहस्पतिवार को उसे जेल से अदालत में लाया गया। सजा के बाद फिर से जेल भेज दिया गया। एडीजीसी अनूप यादव ने बताया कि स्पेशल जज पूनम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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सरकार से भी मिले मुआवजा
स्पेशल जज पूनम ने आदेश में लिखा है कि पीड़िता को दी जाने वाली धनराशि पर्याप्त नहीं है। उसको शासन से भी मुआवजा दिलाया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी और विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण के तहत शासन से मुआवजा दिलाने की विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।