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Agra News: बहू की हत्या करने वाले जेठ को आजीवन कारावास

Fri, 07 Jul 2023 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 07 Jul 2023 11:51 PM IST
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Life imprisonment for brother-in-law who killed daughter-in-law
मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में 7 साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर छोटे भाई की पत्नी को जिंदा जलाकर मारने के आरोपी जेठ को जिला जज अनिल कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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थाना बेवर के परौंखा निवासी महादेव ने अपनी पुत्री रशमी की शादी फरवरी 2010 में मनीष निवासी कौआटांडा थाना बेवर के साथ की थी। दहेज में बाइक और भैंस की मांग को लेकर रशमी का ससुराल में उत्पीड़न किया गया। मांग पूरी नहीं होने पर 14 अगस्त 2016 को जेठ मुनेंद्र, ननद राधा निवासीर रामनगर थाना राजा का रामपुर जिला एटा ने रशमी को जिंदा जला दिया। महादेव ने दानों के खिलाफ थाना बेवर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने जांच करके दोनेां के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज अनिल कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दोनेां केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर दोनों को रशमी की हत्या करने का दोषी पाया। डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा, एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उनके अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज अनिल कमार ने जेठ मुनेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर २० हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा

मुनेंद्र को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लडऩा पड़ा। शुक्रवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।

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राधा को फरार घोषित किया

राधा को अपनी ननद रशमी की जलाकर हत्या करने का दोषी पाया गया है। वह लंबे समय से न्यायालय में तारीख पर नहीं आ रही है। निर्णय के समय उसके मौजूद नहीं होने के कारण उसको फरार घोषित करके स्थायी रुप से बिना जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं।


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घटना के समय पति था जेल में

जिस समय रशमी को जिंदा जलाकर मारा गया। उस समय रशमी का पाति मनीष एक हत्या के मामले में जेल में बंद था। मनीष केे जेल में होने के कारण उसके खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखाई गई थी। रशमी के पिता ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उस पर कोई आरोप भी नहीं लगाया था।
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