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युवक की हत्या करने वाले चार को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। थाना बेवर के गांव कांसेपुर में 13 साल पहले जमीन के बंटवारे की पंचायत में युवक की हत्या करने वाले तीन चाचा और एक चचेरे भाई को स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना बेवर के गांव कांसेपुर में जमीन के बंटवारे को लेकर ज्ञानसिंह तथा उनके भाई ऊदल सिंह और गीतम सिंह के बीच 23 जनवरी 2009 को सुबह 11.30 बजे पंचायत चल रही थी। पंचायत में दोनों पक्षों के अलावा गांव के लोग भी मौजूद थे। पंचायत में हुए विवाद में दोनों पक्षों में पहले गालीगलौज हुआ। बाद में ज्ञानसिंह के भाई ऊदल सिंह, गीतम सिंह, दलवीर सिंह, भतीजे सहवीर तथा संतोष ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की चपेट में आने से ज्ञान सिंह के पुत्र उपदेश की मौत हो गई। मौके पर मौजूद नाहर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। ज्ञानसिंह ने ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर तथा संतोष के खिलाफ थाना बेवर में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायल सहित गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। इस आधार पर ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर को उपदेश उर्फ पप्पू की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी विश्वजीत राठौर ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर एक एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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संतोष का अलग चल रहा मुकदमा
उपदेश की हत्या करने के आरोपी संतोष ने अदालत में खुद को नाबालिग बताया। उसके प्रमाणपत्रों के आधार पर उसको नाबालिग मानते हुए उसकी फाइल अलग कर दी गई। उपदेश की हत्या के संबंध में उसका मुकदमा अलग से चल रहा है।
जेल से निर्णय सुनने आए आरोपी
उपदेश की हत्या करने वाले ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर को शुक्रवार को पुलिस हिरासत में जेल से अदालत में लाया गया। दोपहर बाद उनको स्पेशल जज ईसी एक्ट ने सजा सुनाई। सजा सुनाने के बाद चारों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। बताते चलें कि उपदेश की हत्या करने में ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर को बृहस्पतिवार को दोषी पाए जाने के बाद स्पेशल जज ने अदालत में ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।
पीड़ित पक्ष को मिलेगी आधी धनराशि
एडीजीसी विश्वजीत राठौर ने बताया कि स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि
मृतक उपदेश के निकटतम उत्तराधिकारियों को दी जाएगी।
तमंचा रखने में 25-25 हजार जुर्माना
पुलिस ने जांच के बाद गीतम तथा सहवीर के खिलाफ अवैध असलाह रखने के आरोप में भी चार्जशीट भेजी थी। मुकदमे की सुनवाई के बाद स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने दोनों को सात सात साल की सजा सुनाकर उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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थाना बेवर के गांव कांसेपुर में जमीन के बंटवारे को लेकर ज्ञानसिंह तथा उनके भाई ऊदल सिंह और गीतम सिंह के बीच 23 जनवरी 2009 को सुबह 11.30 बजे पंचायत चल रही थी। पंचायत में दोनों पक्षों के अलावा गांव के लोग भी मौजूद थे। पंचायत में हुए विवाद में दोनों पक्षों में पहले गालीगलौज हुआ। बाद में ज्ञानसिंह के भाई ऊदल सिंह, गीतम सिंह, दलवीर सिंह, भतीजे सहवीर तथा संतोष ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की चपेट में आने से ज्ञान सिंह के पुत्र उपदेश की मौत हो गई। मौके पर मौजूद नाहर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। ज्ञानसिंह ने ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर तथा संतोष के खिलाफ थाना बेवर में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायल सहित गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। इस आधार पर ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर को उपदेश उर्फ पप्पू की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी विश्वजीत राठौर ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर एक एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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संतोष का अलग चल रहा मुकदमा
उपदेश की हत्या करने के आरोपी संतोष ने अदालत में खुद को नाबालिग बताया। उसके प्रमाणपत्रों के आधार पर उसको नाबालिग मानते हुए उसकी फाइल अलग कर दी गई। उपदेश की हत्या के संबंध में उसका मुकदमा अलग से चल रहा है।
जेल से निर्णय सुनने आए आरोपी
उपदेश की हत्या करने वाले ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर को शुक्रवार को पुलिस हिरासत में जेल से अदालत में लाया गया। दोपहर बाद उनको स्पेशल जज ईसी एक्ट ने सजा सुनाई। सजा सुनाने के बाद चारों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। बताते चलें कि उपदेश की हत्या करने में ऊदल सिंह, गीतम सिंह, सहवीर, दलवीर को बृहस्पतिवार को दोषी पाए जाने के बाद स्पेशल जज ने अदालत में ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।
पीड़ित पक्ष को मिलेगी आधी धनराशि
एडीजीसी विश्वजीत राठौर ने बताया कि स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि
मृतक उपदेश के निकटतम उत्तराधिकारियों को दी जाएगी।
तमंचा रखने में 25-25 हजार जुर्माना
पुलिस ने जांच के बाद गीतम तथा सहवीर के खिलाफ अवैध असलाह रखने के आरोप में भी चार्जशीट भेजी थी। मुकदमे की सुनवाई के बाद स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने दोनों को सात सात साल की सजा सुनाकर उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।