फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   leopard only eating meat

सिर्फ मीट खा रहा तेंदुआ

Wed, 27 Apr 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Wed, 27 Apr 2016 12:59 AM IST
विज्ञापन
leopard only eating meat
तेंदुअा - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
पिंजरे में कैद तेंदुए की मेहमाननवाजी में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। न सिर्फ उसे उसकी पसंद का भोजन बल्कि पीने के लिए स्वच्छ पानी दिया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए पंखे की बजाय कूलर की हवा में रखा गया है। उसके गुर्राने पर भी डरे-सहमे कर्मचारी उसकी सेवा में लगे हुए हैं।
विज्ञापन

बीअर रेस्क्यू सेंटर के कर्मचारी का कहना है कि सोमवार रात में उसे ढाई किलो मीट खिलाया गया। इसमें बकरे का गोश्त भी था। मंगलवार सुबह और दोपहर में भी लगभग इतनी ही मात्रा में उसे मीट दिया गया। वह बताया जा रहा है कि तेंदुए को कई दिनों से भरपेट भोजन नहीं मिला है। ढाई किलो गोश्त को वह कुछ ही पलों में चट कर जा रहा है।
विज्ञापन

पिछले 18 घंटे में वह साढ़े सात किलो मीट खा चुका है। उसे जिस सख्त पिंजरे में रखा गया है, उसकी लंबाई छह फुट की है। ज्यादा बड़ा पिंजरा होने पर वह इसमें छलांग लगाने के प्रयास में खुद को चोट पहुंच सकता है। रेस्क्यू सेंटर के कर्मचारियों को कहना है कि उसके गुस्से को छोड़ दिया जाए तो वह सामान्य है। उसे न तो कोई चोट लगी है और न ही वह किसी बीमारी से ग्रसित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तेंदुए की दहाड़ से भालू परेशान
तेंदुए की वजह से बीअर रेस्क्यू सेंटर में खलबली से मची हुई है। उसकी दहाड़ से भालू परेशान हो गए हैं। जिस तरफ तेंदुए को रखा गया है, मंगलवार सुबह से शाम तक उस तरफ रुख नहीं किया। इतना ही नहीं, इस तेंदुए के आक्रोश को देखते हुए पिछले दिनों गुड़गांव से लाए गए छोटे तेंदुए को भी इससे दूर रखा गया गया है।
तेंदुए को सोमवार रात लगभग दस बजे कीठम स्थित बीअर रेस्क्यू सेंटर पर उतारा गया। तब रात होने के कारण भालू, हिरन सहित अन्य जीव सो गए थे। हालांकि लगातार उसकी दहाड़ सुनकर कुछ वन्य जीवों की आंख तो खुल गई थी लेकिन वे अपनी जगह ही पड़े रहे। सेंटर के कर्मचारियों का कहना है कि मंगलवार सुबह जब भालू और हिरनों ने तेंदुए की दहाड़ सुनी तो कुछ देर के लिए वे सहम गए थे। स्थिति ये थी कि लगातार तेंदुए की दहाड़ की वजह से अन्य वन्य जीवों ने उस तरफ रुख ही नहीं किया।

कर्मचारियों ने बताया कि सुरेश नगर से पकड़ा गया तेंदुआ इतने आक्रोश में है, पिछले दिनों गुड़गांव से पकड़े गए तेंदुए को भी उससे खतरा हो सकता है। उनका कहना है कि एक तेंदुआ दूसरे तेंदुए की महक से उसके होने का अंदाजा लगा सकता है, इसलिए गुड़गांव वाले तेंदुए को सुरेश नगर वाले तेंदुए से काफी दूर रखा गया है। वन्य जीव-जंतुओं के जानकारों का मानना है कि अंजान तेंदुओं में टकराव हो जाता है। वे आपस में लड़कर एक-दूसरे को गहरी चोटें पहुंचा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed