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लेखपालों को जमीन पर कब्जा न होने का शपथ पत्र देना होगा
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5एमएनपी-37-कुरावली में अतिक्रमण हटवाते एसडीएम
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। कब्जा विहीन और जमीन के फर्जीवाड़े से ग्रामसभा के मुक्त होने का लेखपाल को शपथ पत्र देना होगा। लेखपाल के शपथ पत्र के बाद प्रशासन द्वारा जांच कराई जाएगी। जांच में सरकारी जमीन पर कब्जा और फर्जीवाड़ा मिलने पर संबंधित लेखपाल की जवाबदेही तय करके उनकेे खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामसभाओं में पट्टा आवंटन के बाद कई स्थानों पर पट्टे की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने, पट्टा आवंटन में लेखपालों द्वारा मनमानी करके अपने चहेतों और बाहरी लोगों को पट्टा आवंटन करके सरकारी अभिलेखों में उनके नाम चढ़वाने के मामले सामने आए हैं। लेखपालों द्वारा इस तरह से जमकर फर्जीवाड़ा किया गया है। प्रदेश में इस तरह के मामले सामने आने के बाद लेखपालों की जवाबदेही तय करके उनसे शपथपत्र मांगा गया है। लेखपालों को संबंधित तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम को दिए जाने वाले शपथपत्र में बताना है उनकी ग्रामसभा में सरकारी जमीन और आवंटित की गई पट्टे की जमीन पर कोई कब्जा नहीं है। पट्टा आवंटन में फर्जीवाड़े का भी कोई मामला लंबित नहीं है जो मामले हैं वह निस्तारित किए जा चुके हैं। लेखपालों द्वारा दिए गए शपथपत्र के बाद प्रशासन द्वारा जांच कराई जाएगी। अगर जांच के दौरान कब्जा अथवा फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो संबंधित लेखपाल को जिम्मेदार मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पट्टा आवंटन में की मनमानी
पट्टा आवंटन के नाम पर लेखपालों ने जमकर मनमानी की है। ग्रामसभा के बाहर के लोगों को पट्टा आवंटन किया गया है। ग्रामसभाओं की हजारों बीघा जमीन को पट्टा के नाम पर दूसरे स्थानों पर रहने वालों को जमीन देकर राजस्व अभिलेखों में नाम भी दर्ज कराया गया है। कई लोग इस जमीन को दूसरे लोगों को बेच तक चुके हैं।
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केस-एक
तहसील भोगांव के गांव अहिरवा में लेखपालों ने जमकर मनमानी की। ग्रामसभा की करीब एक हजार बीघा जमीन के पट्टे किए गए। जांच में खुलासा होने के बाद दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर दो लेखपालों सहित पांच लोगों को जेल जाना पड़ा है। एसडीएम ने ग्रामसभा की जमीन को ग्रामसभा के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा दिया है।
केस-दो
तहसील कुरावली के गांव जिरौली में लेखपाल ने ग्रामसभा की आठ सौ बीघा जमीन के पट्टे ऐसे लोगों के नाम आवंटित कर दी जो दूसरी ग्रामसभाओं के रहने वाले हैं। तहसीलदार कुरावली द्वारा गांव मे ंलगाई गई चौपाल में इसकी पुष्टि हुई। तहसीलदार ने एसडीएम कुरावली के माध्यम से अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
वर्जन-
ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा और पट्टा आवंटन में फर्जीवाड़ा न हो इसकी जिम्मेदारी लेखपाल की है। लेखपालों द्वारा दिए जाने वाले शपथपत्र के बाद सभी ग्रामसभाओं में जांच कराने की योजना है। जांच में कब्जा और फर्जीवाड़ा मिलने पर संबंधित लेखपाल को जिम्मेदार मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र सिंह, तहसीलदार सदर
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ग्रामसभाओं में पट्टा आवंटन के बाद कई स्थानों पर पट्टे की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने, पट्टा आवंटन में लेखपालों द्वारा मनमानी करके अपने चहेतों और बाहरी लोगों को पट्टा आवंटन करके सरकारी अभिलेखों में उनके नाम चढ़वाने के मामले सामने आए हैं। लेखपालों द्वारा इस तरह से जमकर फर्जीवाड़ा किया गया है। प्रदेश में इस तरह के मामले सामने आने के बाद लेखपालों की जवाबदेही तय करके उनसे शपथपत्र मांगा गया है। लेखपालों को संबंधित तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम को दिए जाने वाले शपथपत्र में बताना है उनकी ग्रामसभा में सरकारी जमीन और आवंटित की गई पट्टे की जमीन पर कोई कब्जा नहीं है। पट्टा आवंटन में फर्जीवाड़े का भी कोई मामला लंबित नहीं है जो मामले हैं वह निस्तारित किए जा चुके हैं। लेखपालों द्वारा दिए गए शपथपत्र के बाद प्रशासन द्वारा जांच कराई जाएगी। अगर जांच के दौरान कब्जा अथवा फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो संबंधित लेखपाल को जिम्मेदार मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पट्टा आवंटन में की मनमानी
पट्टा आवंटन के नाम पर लेखपालों ने जमकर मनमानी की है। ग्रामसभा के बाहर के लोगों को पट्टा आवंटन किया गया है। ग्रामसभाओं की हजारों बीघा जमीन को पट्टा के नाम पर दूसरे स्थानों पर रहने वालों को जमीन देकर राजस्व अभिलेखों में नाम भी दर्ज कराया गया है। कई लोग इस जमीन को दूसरे लोगों को बेच तक चुके हैं।
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केस-एक
तहसील भोगांव के गांव अहिरवा में लेखपालों ने जमकर मनमानी की। ग्रामसभा की करीब एक हजार बीघा जमीन के पट्टे किए गए। जांच में खुलासा होने के बाद दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर दो लेखपालों सहित पांच लोगों को जेल जाना पड़ा है। एसडीएम ने ग्रामसभा की जमीन को ग्रामसभा के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा दिया है।
केस-दो
तहसील कुरावली के गांव जिरौली में लेखपाल ने ग्रामसभा की आठ सौ बीघा जमीन के पट्टे ऐसे लोगों के नाम आवंटित कर दी जो दूसरी ग्रामसभाओं के रहने वाले हैं। तहसीलदार कुरावली द्वारा गांव मे ंलगाई गई चौपाल में इसकी पुष्टि हुई। तहसीलदार ने एसडीएम कुरावली के माध्यम से अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
वर्जन-
ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा और पट्टा आवंटन में फर्जीवाड़ा न हो इसकी जिम्मेदारी लेखपाल की है। लेखपालों द्वारा दिए जाने वाले शपथपत्र के बाद सभी ग्रामसभाओं में जांच कराने की योजना है। जांच में कब्जा और फर्जीवाड़ा मिलने पर संबंधित लेखपाल को जिम्मेदार मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र सिंह, तहसीलदार सदर