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Agra News: आदेश की अवहेलना पर शिक्षा निदेशक ने बीएसए को जारी किया नोटिस
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मैनपुरी।
अलाभित के बच्चों के लिए जारी की गई धनराशि का उपभोग पत्र आदेश के बाद भी न देने पर शिक्षा निदेशक ने बीएसए को नोटिस जारी किया है। नोटिस में तीन दिन के अंदर बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न देने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का लाभ दिया जा रहा है। योजना के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पांच हजार रुपये प्रति छात्र प्रतिवर्ष ड्रेस और पाठ्य पुस्तकों के लिए जारी किए जा रहे हैं। वर्ष 2022-23 के लिए प्रवेश पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए धनराशि तीन महीने पहले जारी की गई थी। एक नवंबर 2022 को बीएसए को पत्र जारी कर निदेशक बेसिक शिक्षा ने कहा था कि 15 नवंबर तक छात्रों के लिए भेजी गई धनराशि का उपभोग कराते हुए उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए। लेकिन जनपद में अब तक संबंधित धनराशि का उपभोग नहीं किया जा सका जिस पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने नाराजगी प्रकट की। निदेशक बेसिक शिक्षा ने बीएसए को नोटिस जारी कर कहा कि तीन दिन के अंदर संबंधित धनराशि के संबंध में स्पष्टीकरण देना सुनिश्चित किया जाए।
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जिले के लिए 45.80 लाख की धनराशि हुई है जारी
बीएसए कार्यालय में दर्ज रिकार्ड के अनुसार इस बार ऑनलाइन आवेदन के तहत जिले में शासन से 916 छात्र-छात्राएं योजना में शामिल हुए। इन छात्र-छात्राओं की ड्रेस और पाठ्य पुस्तकों के लिए 45.80 लाख की धनराशि बीएसए को तीन महीने पहले उपलब्ध करा दी गई थी। लेकिन इस धनराशि का अभी तक उपभोग नहीं किया जा सका है।
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विद्यालयों के लिए धनराशि न जारी होने से प्रधानाचार्य नाराज
योजना के तहत प्रति छात्र 450 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एक साल की विद्यालय को 5400 रुपये की धनराशि जारी होनी है। लेकिन शिक्षा सत्र के नौ महीने बीतने के बाद भी अब तक यह धनराशि स्कूलों को नहीं मिल सकी है जिससे प्रधानाचार्य नाराज हैं। कई स्कूलों के प्रधानाचार्य अभिभावकों पर फीस जमा करने के लिए दबाव भी बना रहे हैं।
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निजी स्कूलों ने अभी तक बच्चों के प्रवेश की जानकारी संबंधित पोर्टल पर जारी नहीं की है। इसके चलते प्रवेश पाने वाले छात्रों का विवरण उपलब्ध नहीं हो सका है। जांच की जा रही है। जांच पूरी होते ही धनराशि खातों में भेज दी जाएगी। निदेशक कार्यालय को भी इस संबंध में जानकारी भेज दी गई है।
दीपिका गुप्ता बीएसए
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अलाभित के बच्चों के लिए जारी की गई धनराशि का उपभोग पत्र आदेश के बाद भी न देने पर शिक्षा निदेशक ने बीएसए को नोटिस जारी किया है। नोटिस में तीन दिन के अंदर बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न देने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का लाभ दिया जा रहा है। योजना के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पांच हजार रुपये प्रति छात्र प्रतिवर्ष ड्रेस और पाठ्य पुस्तकों के लिए जारी किए जा रहे हैं। वर्ष 2022-23 के लिए प्रवेश पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए धनराशि तीन महीने पहले जारी की गई थी। एक नवंबर 2022 को बीएसए को पत्र जारी कर निदेशक बेसिक शिक्षा ने कहा था कि 15 नवंबर तक छात्रों के लिए भेजी गई धनराशि का उपभोग कराते हुए उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए। लेकिन जनपद में अब तक संबंधित धनराशि का उपभोग नहीं किया जा सका जिस पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने नाराजगी प्रकट की। निदेशक बेसिक शिक्षा ने बीएसए को नोटिस जारी कर कहा कि तीन दिन के अंदर संबंधित धनराशि के संबंध में स्पष्टीकरण देना सुनिश्चित किया जाए।
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जिले के लिए 45.80 लाख की धनराशि हुई है जारी
बीएसए कार्यालय में दर्ज रिकार्ड के अनुसार इस बार ऑनलाइन आवेदन के तहत जिले में शासन से 916 छात्र-छात्राएं योजना में शामिल हुए। इन छात्र-छात्राओं की ड्रेस और पाठ्य पुस्तकों के लिए 45.80 लाख की धनराशि बीएसए को तीन महीने पहले उपलब्ध करा दी गई थी। लेकिन इस धनराशि का अभी तक उपभोग नहीं किया जा सका है।
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विद्यालयों के लिए धनराशि न जारी होने से प्रधानाचार्य नाराज
योजना के तहत प्रति छात्र 450 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एक साल की विद्यालय को 5400 रुपये की धनराशि जारी होनी है। लेकिन शिक्षा सत्र के नौ महीने बीतने के बाद भी अब तक यह धनराशि स्कूलों को नहीं मिल सकी है जिससे प्रधानाचार्य नाराज हैं। कई स्कूलों के प्रधानाचार्य अभिभावकों पर फीस जमा करने के लिए दबाव भी बना रहे हैं।
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निजी स्कूलों ने अभी तक बच्चों के प्रवेश की जानकारी संबंधित पोर्टल पर जारी नहीं की है। इसके चलते प्रवेश पाने वाले छात्रों का विवरण उपलब्ध नहीं हो सका है। जांच की जा रही है। जांच पूरी होते ही धनराशि खातों में भेज दी जाएगी। निदेशक कार्यालय को भी इस संबंध में जानकारी भेज दी गई है।
दीपिका गुप्ता बीएसए