{"_id":"5d5ac3948ebc3e89d50f5142","slug":"langur-posted-in-the-security-for-collectorate-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जिला मुख्यालय की सुरक्षा में तैनात लंगूर, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला मुख्यालय की सुरक्षा में तैनात लंगूर, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला
Tue, 20 Aug 2019 09:05 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 20 Aug 2019 09:05 AM IST
विज्ञापन
जिला मुख्यालय की सुरक्षा में तैनात लंगूर
- फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय (कलक्ट्रेट) को बंदरों के उत्पात से मुक्ति मिल गई है। कलक्ट्रेट प्रशासन ने सोमवार से यहां लंगूर रख दिया है। पहले ही दिन असर दिखा। एक भी बंदर परिसर में नजर नहीं आया। सभी आसपास की दीवारों पर खड़े होकर ही झांकते रहे।
कलक्ट्रेट में स्थिति यह थी कि कर्मचारी, अधिवक्ता या फरियादी अपने हाथ में लेकर कोई सामान नहीं जा सकते थे। बाइक के बैग में यदि कोई सामान रखा गया तो वह भी नहीं बचना था।
कलक्ट्रेट के चप्पे-चप्पे पर बंदर झुंड के रूप में एकत्रित रहते थे। कई बार तो सामान झपटने के चक्कर में लोगों को घेर कर गिरा देते। पिछले दो महीने में ही 50 से अधिक लोगों को घायल कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में स्थिति यह थी कि कर्मचारी, अधिवक्ता या फरियादी अपने हाथ में लेकर कोई सामान नहीं जा सकते थे। बाइक के बैग में यदि कोई सामान रखा गया तो वह भी नहीं बचना था।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट के चप्पे-चप्पे पर बंदर झुंड के रूप में एकत्रित रहते थे। कई बार तो सामान झपटने के चक्कर में लोगों को घेर कर गिरा देते। पिछले दो महीने में ही 50 से अधिक लोगों को घायल कर चुके हैं।
विज्ञापन
Trending Videos
लगवानी पड़ी थी लोहे की जालियां
बंदर कलक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय की कई महत्वपूर्ण फाइलों को फाड़ चुके हैं। कंप्यूटर आदि सामान को भी क्षति पहुंचाई। इससे निजात पाने के लिए कलक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय के स्टाफ को कार्यालयों को लोहे की जालियों से सुरक्षित करवाना पड़ा।
बंदर कलक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय की कई महत्वपूर्ण फाइलों को फाड़ चुके हैं। कंप्यूटर आदि सामान को भी क्षति पहुंचाई। इससे निजात पाने के लिए कलक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय के स्टाफ को कार्यालयों को लोहे की जालियों से सुरक्षित करवाना पड़ा।