सावन: आगरा में राजाखेड़ा के सेठ ने की थी राजेश्वर मंदिर के शिवलिंग की स्थापना,रंग बदलते हैं महादेव
तकरीबन 900 साल पुराना है मंदिर का इतिहास
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शमसाबाद रोड स्थित राजेश्वर मंदिर का इतिहास तकरीबन 900 साल पुराना बताया जाता है। राजेश्वर मंदिर के महंत कालीचरण गोस्वामी, ट्रस्ट के अध्यक्ष डीके वशिष्ठ और उपाध्यक्ष विशाल शर्मा बताते हैं कि यहां शिवलिंग की स्थापना के पीछे किवदंती प्रचलित है, जिसके अनुसार राजाखेड़ा (भरतपुर) का एक सेठ नर्मदा नदी (मध्य प्रदेश) के समीप से बैलगाड़ी से शिवलिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहा था। वर्तमान में मंदिर स्थल के नजदीक ही एक कुआं था, वह वहां विश्राम करने के लिए रुक गया। आराम करने के दौरान सेठ को शिवजी ने स्वप्न दिया कि शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया जाए। लेकिन सेठ ने स्वप्न की बात की अनदेखी की और शिवलिंग को ले जाने की कोशिश करने लगा। इस पर शिवलिंग वहीं स्थिर हो गया। तभी से यहां मंदिर स्थापित है।
रंग बदलते हैं महादेव
मान्यता है कि शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है। सुबह मंगला आरती के दौरान सफेद रंग, दोपहर की आरती के दौरान हल्का नीला और शाम की आरती के दौरान गुलाबी प्रतीत होता है।