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Agra: अपहरण, हत्या और फिर मिटा दिए सबूत...कोर्ट ने दोषी को दी उम्रकैद की सजा; जानें पूरा मामला
Fri, 26 Apr 2024 07:10 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 26 Apr 2024 07:10 PM IST
सार
युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड से बचने के लिए आरोपी ने साक्ष्य भी मिटा दिए। कोर्ट ने मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में युवक का अपहरण कर हत्या, उसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नहर में फेंकने के मामले में अदालत ने इटावा के पंसारी टोला (हाल निवास सिकंदरा गायत्री विहार) निवासी सुभाष चंद यादव को दोषी पाया। अपर जिला जज-6 नीरज कुमार महाजन ने आजीवन कारावास के साथ 60 हजार रुपये के दंड की सजा सुनाई।
सिकंदरा थाने में कैलाश मोड़ कृष्णा कॉलोनी निवासी रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 2 फरवरी 2013 की दोपहर करीब 1 बजे पुरानी रंजिश के चलते आरोपी सुभाष चंद यादव और उसके साथी उनके बेटे विनोद (20) का अपहरण करके ले गए।
बेटे की हत्या कर आरोपियों ने शव को कानपुर की हजारा नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने केस दर्ज कर क्षत-विक्षत हालत में बेटे के शव को नहर से बरामद किया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से पीड़ित रामेश्वर प्रसाद गुप्ता सहित 12 गवाह पेश किए गए।
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सिकंदरा थाने में कैलाश मोड़ कृष्णा कॉलोनी निवासी रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 2 फरवरी 2013 की दोपहर करीब 1 बजे पुरानी रंजिश के चलते आरोपी सुभाष चंद यादव और उसके साथी उनके बेटे विनोद (20) का अपहरण करके ले गए।
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बेटे की हत्या कर आरोपियों ने शव को कानपुर की हजारा नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने केस दर्ज कर क्षत-विक्षत हालत में बेटे के शव को नहर से बरामद किया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से पीड़ित रामेश्वर प्रसाद गुप्ता सहित 12 गवाह पेश किए गए।
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