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खोआ से फैट गायब, तेल भी मिलावटी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Nov 2016 11:37 PM IST
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दूध, पनीर, खोआ समेत 46 सैंपल लैब की जांच में फेल,
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दिवाली से पहले बर्फी, खोआ, छैना बड़े चाव से खाया होगा। जानकार दंग रह जाओगे के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में 46 सैंपल फेल पाए गए हैं। एफएसडीए की प्रयोगशाला में मिली रिपोर्ट चौंकाने वाली है। खोआ में फैट गायब था, तो बर्फी में चांदी के नाम पर एल्मुनियम बर्क लगाकर बेची जा रही थी। सरसों के तेल में चावल की भुसी तो घी में रिफाइंड मिलाया गया था।
एफएसडीए ने शहर-देहात में ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई कर 150 से अधिक सैंपल जुटाए थे। 55 टन मिलावटी सरसाें का तेल जब्त किया था। बूंदी, बेसन, खोआ, पनीर जैसे कई खाद्य सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेेजे। मंगलवार को विभाग के पास 46 सैंपल की रिपोर्ट आई है। इसमें दूध, बेसन, बर्फी, खोआ, सरसों का तेल, घेवर समेत 46 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से जैतपुर कला के अमित सिंह और शमसाबाद रोड से सुनील राठौर के यहां से बर्फी के सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं, बाकी के 44 सैंपल अद्योमानक मिले। जिला अभिहीत अधिकारी विनीत यादव ने बताया कि 46 सैंपल फेल पाए गए हैं। सरसों के तेल में चावल की भुसी, खोआ, घी आदि में मिलावट की पुष्टि हुई है। जिन प्रतिष्ठानों से यह सैंपल जुटाए हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इंफेक्शन, किडनी तक की हो सकती परेशानी
मिलावटी खाद्य सामग्री खाने से पेट जनित बीमारियों का खतरा सर्वाधिक है। एसएन मेडिकल कालेज के फिजीशियन डा. आशीष गौतम का कहना है कि मिलावट सामग्री का लंबे समय तक उपयोग करने से किडनी के नुकसान का खतरा अधिक होता है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. यतेंद्र चाहर बताते हैं कि कई बार इन खाद्य सामग्री से स्किन इंफेक्शन भी हो सकता है। लाल दाने, दाग और एलर्जी की संभावना अधिक रहती है।
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दूध: फैट गायब, पानी मिलाया
बूंदी: सूजी, मैदा, रंग
पनीर: फैट गायब
घी: रिफाइंड
बर्फी: एल्मुनियम बर्क
बूंदी के लड्डू: सूजी, मैदा
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एफएसडीए ने शहर-देहात में ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई कर 150 से अधिक सैंपल जुटाए थे। 55 टन मिलावटी सरसाें का तेल जब्त किया था। बूंदी, बेसन, खोआ, पनीर जैसे कई खाद्य सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेेजे। मंगलवार को विभाग के पास 46 सैंपल की रिपोर्ट आई है। इसमें दूध, बेसन, बर्फी, खोआ, सरसों का तेल, घेवर समेत 46 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से जैतपुर कला के अमित सिंह और शमसाबाद रोड से सुनील राठौर के यहां से बर्फी के सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं, बाकी के 44 सैंपल अद्योमानक मिले। जिला अभिहीत अधिकारी विनीत यादव ने बताया कि 46 सैंपल फेल पाए गए हैं। सरसों के तेल में चावल की भुसी, खोआ, घी आदि में मिलावट की पुष्टि हुई है। जिन प्रतिष्ठानों से यह सैंपल जुटाए हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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इंफेक्शन, किडनी तक की हो सकती परेशानी
मिलावटी खाद्य सामग्री खाने से पेट जनित बीमारियों का खतरा सर्वाधिक है। एसएन मेडिकल कालेज के फिजीशियन डा. आशीष गौतम का कहना है कि मिलावट सामग्री का लंबे समय तक उपयोग करने से किडनी के नुकसान का खतरा अधिक होता है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. यतेंद्र चाहर बताते हैं कि कई बार इन खाद्य सामग्री से स्किन इंफेक्शन भी हो सकता है। लाल दाने, दाग और एलर्जी की संभावना अधिक रहती है।
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दूध: फैट गायब, पानी मिलाया
बूंदी: सूजी, मैदा, रंग
पनीर: फैट गायब
घी: रिफाइंड
बर्फी: एल्मुनियम बर्क
बूंदी के लड्डू: सूजी, मैदा