{"_id":"61b78baa61e68c5f1438e0a4","slug":"kharmass-begin-religious-function-probhited-kasganj-news-agr5177717134","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 से लगने जा रहा खरमास, एक माह तक शुभकार्य रहेंगे वर्जित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 से लगने जा रहा खरमास, एक माह तक शुभकार्य रहेंगे वर्जित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। एक माह तक चला सहालग का सीजन अब थम गया है। 15 दिसंबर से खरमास शुरू होने जा रहा है। इसके कारण एक माह तक सभी शुभकार्य बाधित हो जाएंगे। इसके बाद 15 जनवरी से ही शुभ कार्य शुरू होंगे।
चतुर्मास के बाद 14 नवंबर सेेेेेेे सहालग का सीजन शुरू हुआ था। इस दौरान बड़ी संख्या में वैवाहिक समारोह आयोजित किए गए। मैरिज होम, धर्मशाला आदि गुलजार नजर आए। वहीं बाजार में भी कारोबार में चमक आ गई। अब सहालग सहित सभी शुभकायों पर खरमास का ग्रहण लग गया है। अब एक माह तक के लिए सभी शुभ कार्य बाधित हो गए हैं। 15 जनवरी के बाद ही शुभकार्य शुरू होंगे। ऐसे में एक माह तक कारोबार पर भी असर पड़ने को लेकर कारोबारी चिंतित हैँ।
खारमास में करें ये कार्य
खरमास में सूर्य उपासना का बहुत महत्व होता है, प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
खरमास के दौरान चारपाई या पलंग का त्याग कर भूमि पर बिस्तर लगाकर शयन करना चाहिए।
इस माह में भूलकर भी मांस-मदिरा या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
खरमास की अवधि में थाली की बजाए पत्तल में भोजन करना उत्तम रहता है।
यह माह आराधना और जप, उपवास आदि के लिए शुभ माना जाता है।
इस समय झूठ, द्वेष, अनैतिकता, निंदा, झगड़ा इन सभी चीजों से जितना हो सके दूर रहें।
अपने में पूरी तरह से शुद्धता बनाए रखें, मन में किसी के प्रति बुरी भावना लाने से बचें।
खरमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करना भी बेहद शुभ रहता है।
इसके अलावा खरमास में नियमित रूप से तुलसी पूजन भी करना चाहिए।
एक माह के लिए ये कार्य रहेंगे बाधित
मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, नामकरण, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए व्यापार का आरंभ, वधू प्रवेश, सगाई, विवाह आदि कोई भी कार्य नहीं किया जाता है। सूर्य के बृहस्पति के अधिपत्य वाली राशियों में प्रवेश करने से खरमास लगता है। दिसंबर में सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर खरमास लग जाता है। एक माह तक खरमास रहेगा। धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, खरमास को शुभ नहीं माना जाता है। - मुकुंद बल्लभ भट्ट, ज्योतिषाचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन
चतुर्मास के बाद 14 नवंबर सेेेेेेे सहालग का सीजन शुरू हुआ था। इस दौरान बड़ी संख्या में वैवाहिक समारोह आयोजित किए गए। मैरिज होम, धर्मशाला आदि गुलजार नजर आए। वहीं बाजार में भी कारोबार में चमक आ गई। अब सहालग सहित सभी शुभकायों पर खरमास का ग्रहण लग गया है। अब एक माह तक के लिए सभी शुभ कार्य बाधित हो गए हैं। 15 जनवरी के बाद ही शुभकार्य शुरू होंगे। ऐसे में एक माह तक कारोबार पर भी असर पड़ने को लेकर कारोबारी चिंतित हैँ।
विज्ञापन
खारमास में करें ये कार्य
खरमास में सूर्य उपासना का बहुत महत्व होता है, प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
खरमास के दौरान चारपाई या पलंग का त्याग कर भूमि पर बिस्तर लगाकर शयन करना चाहिए।
इस माह में भूलकर भी मांस-मदिरा या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
खरमास की अवधि में थाली की बजाए पत्तल में भोजन करना उत्तम रहता है।
यह माह आराधना और जप, उपवास आदि के लिए शुभ माना जाता है।
इस समय झूठ, द्वेष, अनैतिकता, निंदा, झगड़ा इन सभी चीजों से जितना हो सके दूर रहें।
अपने में पूरी तरह से शुद्धता बनाए रखें, मन में किसी के प्रति बुरी भावना लाने से बचें।
खरमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करना भी बेहद शुभ रहता है।
इसके अलावा खरमास में नियमित रूप से तुलसी पूजन भी करना चाहिए।
एक माह के लिए ये कार्य रहेंगे बाधित
मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, नामकरण, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए व्यापार का आरंभ, वधू प्रवेश, सगाई, विवाह आदि कोई भी कार्य नहीं किया जाता है। सूर्य के बृहस्पति के अधिपत्य वाली राशियों में प्रवेश करने से खरमास लगता है। दिसंबर में सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर खरमास लग जाता है। एक माह तक खरमास रहेगा। धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, खरमास को शुभ नहीं माना जाता है। - मुकुंद बल्लभ भट्ट, ज्योतिषाचार्य
विज्ञापन