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खंडपीठ स्थापना के लिए ताज का घेराव करेंगे अधिवक्ता
खंडपीठ स्थापना के लिए ताज का घेराव करेंगे अधिवक्ता
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:58 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : SELF
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हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना के लिए छह दशक से आंदोलनरत अधिवक्ता एक बार फिर उग्र होने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद नई सरकार के गठन के साथ ही वह अपना आंदोलन तेज करेंगे। शनिवार को दीवानी बार हाल में हुई आमसभा में ताजमहल के घेराव का निर्णय लिया गया।
हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना के लिए पिछले छह दशक से आंदोलन चलाया जा रहा है। अधिवक्ता जसवंत सिंह आयोग की सिफारिश के अनुसार खंडपीठ स्थापना की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार आंदोलन किया जा चुका है। सड़क से लेकर संसद तक में अधिवक्ता अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। राजनीतिक दल अपना समर्थन देने की बात करते हैं, लेकिन खंडपीठ की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी। दीवानी के एतिहासिक बार हाल मेें शनिवार को आमसभा आयोजित की। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि साल 2017 में उत्तर प्रदेश में बनने वाली सरकार के गठन के बाद आंदोलन को तेज किया जाएगा। सबसे पहले ताजमहल के घेराव से इसकी शुरूआत की जाएगी। ताजमहल में पर्यटकों को नहीं घुसने दिया जाएगा। ताज घेराव से पूर्व जनमंच की कार्यसमिति की ओर से समीक्षा बैठक की जाएगी। इसमें सभी बार के अधिवक्ता, सामाजिक संगठन, व्यापारिक संगठन, छात्र संगठन, किसान संगठन की सहभागिता की जाएगी। चौधरी अजय सिंह ने कहा कि अधिवक्ता ‘जहां बना ताज व फोर्ट वहां बनेगा हाईकोर्ट’ के नारे के साथ आंदोलन करेंगे। ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में पर्यटकों को रोकने के लिए अलग-अलग संगठनों को जिम्मेदारी दी जाएगी। आंदोलन के लिए कार्यसमिति का गठन किया जाएगा। कार्यसमिति ही आंदोलन और संगठन का स्वरूप तय करेगी।
अब तक हुए आंदोलन
पिछले दो साल में जनमंच के अधिवक्ताओं ने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। राष्ट्रपति से भी मिले। आगरा बंद और एक्सप्रेस वे भी जाम कराया गया। विधानसभा क्षेत्रों में भी सभा की गईं। सभी तहसीलों में संगठनों को मजबूत किया। गली-गली तक जनजागरण चलाया गया है।
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कब-कब हुआ घेराव
अधिवक्ताओं ने पांच दिसंबर 2012 को सबसे पहले ताजमहल का घेराव किया। इसके बाद 26 अगस्त 2013 को घेराव किया गया। अधिवक्ताओं को रोकने लिए पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। कुछ अधिवक्ता पुलिस से बचकर ताजमहल के अंदर भी प्रवेश कर गए थे। उन्होंने ताज के अंदर से हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग रखी थी। वी वांट हाईकोर्ट के नारे भी लगाए थे।
सभा मेें इनकी मौजूदगी
आम सभा की अध्यक्षता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष डा. जेके पाठक एवं अधिवक्ता चौधरी हरदयाल सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान नरेंद्र शर्मा, वीरेंद्र फौजदार, उदयवीर सिंह, जयदयाल गौतम, अनिल शर्मा, जन लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौबे, महेंद्र राना, राममोहन उपाध्याय, केवी लाल, राकेश बघेल, पूरन सिंह, सुरेंद्र सिंह पप्पू, देवराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना के लिए पिछले छह दशक से आंदोलन चलाया जा रहा है। अधिवक्ता जसवंत सिंह आयोग की सिफारिश के अनुसार खंडपीठ स्थापना की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार आंदोलन किया जा चुका है। सड़क से लेकर संसद तक में अधिवक्ता अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। राजनीतिक दल अपना समर्थन देने की बात करते हैं, लेकिन खंडपीठ की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी। दीवानी के एतिहासिक बार हाल मेें शनिवार को आमसभा आयोजित की। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि साल 2017 में उत्तर प्रदेश में बनने वाली सरकार के गठन के बाद आंदोलन को तेज किया जाएगा। सबसे पहले ताजमहल के घेराव से इसकी शुरूआत की जाएगी। ताजमहल में पर्यटकों को नहीं घुसने दिया जाएगा। ताज घेराव से पूर्व जनमंच की कार्यसमिति की ओर से समीक्षा बैठक की जाएगी। इसमें सभी बार के अधिवक्ता, सामाजिक संगठन, व्यापारिक संगठन, छात्र संगठन, किसान संगठन की सहभागिता की जाएगी। चौधरी अजय सिंह ने कहा कि अधिवक्ता ‘जहां बना ताज व फोर्ट वहां बनेगा हाईकोर्ट’ के नारे के साथ आंदोलन करेंगे। ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में पर्यटकों को रोकने के लिए अलग-अलग संगठनों को जिम्मेदारी दी जाएगी। आंदोलन के लिए कार्यसमिति का गठन किया जाएगा। कार्यसमिति ही आंदोलन और संगठन का स्वरूप तय करेगी।
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अब तक हुए आंदोलन
पिछले दो साल में जनमंच के अधिवक्ताओं ने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। राष्ट्रपति से भी मिले। आगरा बंद और एक्सप्रेस वे भी जाम कराया गया। विधानसभा क्षेत्रों में भी सभा की गईं। सभी तहसीलों में संगठनों को मजबूत किया। गली-गली तक जनजागरण चलाया गया है।
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कब-कब हुआ घेराव
अधिवक्ताओं ने पांच दिसंबर 2012 को सबसे पहले ताजमहल का घेराव किया। इसके बाद 26 अगस्त 2013 को घेराव किया गया। अधिवक्ताओं को रोकने लिए पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। कुछ अधिवक्ता पुलिस से बचकर ताजमहल के अंदर भी प्रवेश कर गए थे। उन्होंने ताज के अंदर से हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग रखी थी। वी वांट हाईकोर्ट के नारे भी लगाए थे।
सभा मेें इनकी मौजूदगी
आम सभा की अध्यक्षता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष डा. जेके पाठक एवं अधिवक्ता चौधरी हरदयाल सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान नरेंद्र शर्मा, वीरेंद्र फौजदार, उदयवीर सिंह, जयदयाल गौतम, अनिल शर्मा, जन लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौबे, महेंद्र राना, राममोहन उपाध्याय, केवी लाल, राकेश बघेल, पूरन सिंह, सुरेंद्र सिंह पप्पू, देवराज सिंह आदि मौजूद रहे।