शताब्दी की चपेट में आकर की-मैन की मौत, गुस्साए कर्मियों ने रोका आगरा-दिल्ली रेलमार्ग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा-दिल्ली रेलमार्ग पर रुनकता के गेट नंबर 508 के नजदीक संरक्षा कर्मचारी (की-मैन) ओमप्रकाश पुत्र शिवजीराम की शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आकर मौत हो गई। ट्रैक पर मेंटिनेंस का काम चल रहा था। हादसे की जानकारी होने पर संरक्षा कर्मियों में रोष फैल गया।
उन्होंने आगरा दिल्ली रेलमार्ग को बाधित कर दिया। करीब 1.10 घंटे तक रेलमार्ग बाधित रहा। इस दौरान ताज एक्सप्रेस समेत कई गाड़ियां प्रभावित हुईं। मूल रूप से बिहार के रहने वाले ओमप्रकाश (34) वर्ष 2012 से आगरा मंडल में की मैन के पद पर सेवाएं दे रहे थे।
संरक्षा कर्मियों ने बताया कि सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे गेट नंबर 508 के पास वह ट्रैक पर गश्त कर रहे थे। इसी दरम्यान दिल्ली की ओर से आ रही शताब्दी एक्सप्रेस रौंदती हुई निकल गई। ओमप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेन के गुजरने के बाद हादसे की जानकारी अन्य संरक्षा कर्मियों को हुई तो उनमें रोष फैल गया।
गुस्साए रेल कर्मियों ने जाम बाटा (लाल झंडी) लगाकर रेल मार्ग को बंद कर दिया। उनका कहना था कि ट्रैक पर संरक्षा कर्मियों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। रात्रि गश्त के दौरान भी कई हादसे हो चुके हैं। हाल में कई संरक्षा कर्मियों की जान फरह से रुनकता के बीच के ट्रैक पर ड्यूटी के दौरान हो चुकी है।
रेल कर्मियों के भड़कने की जानकारी होने पर रेल यातायात रोक दिया गया। इस दौरान 9.35 से 10.45 बजे तक रूट बाधित रहा। ताज एक्सप्रेस रुनकता स्टेशन पर खड़ी रही। अन्य गाड़ियां भी मथुरा में रुकी रहीं। एडीआरएम डीके सिंह, मंडल रेल प्रबंधक डा. संचित समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद रूट पर यातायात सुचारु हो सका।
परिजनों से मिले रेल अधिकारी
रेल कर्मियों में चर्चा थी कि मृतक की जेब से रेल मंत्री समेत कई अधिकारियों को लिखे पत्र मिले हैं। ओमप्रकाश यहां से ट्रांसफर करवाना चाहता था, लेकिन
अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। इसको लेकर भी परेशान रहता था। हादसे के बाद रेल अधिकारी मृतक के परिवारीजनों से भी मिले।
डीसीएम डॉ. संचित ने बताया कि मृतक के परिवारीजनों को 50 हजार की त्वरित मदद दी गई है। इसके अलावा रेलवे के नियमों के मुताबिक भी आर्थिक मदद और मुआवजा दिया जाएगा।