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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Hindi Diwas 2019: Kendriya Hindi Sansthan Agra has Prepared 700 Pages Hindi Encyclopedia

हिंदी दिवस विशेष: अब हिंदी में भी विज्ञान की पढ़ाई कर सकेंगे उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र

Sat, 14 Sep 2019 03:15 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 14 Sep 2019 03:15 PM IST
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Hindi Diwas 2019: Kendriya Hindi Sansthan Agra has Prepared 700 Pages Hindi Encyclopedia
हिंदी विश्वकोश - फोटो : अमर उजाला
आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान ने विज्ञान विषय का हिंदी विश्वकोश (encyclopedia) तैयार किया है। इसमें बीएससी और एमएससी के पाठ्यक्रमों में अंग्रेजी भाषा में पढ़ाए जाने वाले शब्दों, मानकों और परिभाषाओं को लिया गया है। इनका हिंदी में अर्थ दिया गया है। साथ ही सचित्र समझाने की कोशिश भी की गई है।
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हिंदी माध्यम से इंटरमीडिएट स्तर तक की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को बीएससी और एमएससी की पढ़ाई में कठिनाई होती है। सारी किताबें अंग्रेजी में होती हैं। तमाम शब्दों को विद्यार्थी समझ नहीं पाते। वो पिछड़ जाते हैं। वहीं, शिक्षकों को भी विषय को हिंदी में समझाने में कठिनाई होती है। 
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इसको देखते हुए संस्थान ने देश के विज्ञान विषय के 40 विद्वानों से विश्वकोश तैयार कराया है। इसमें भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के पाठ्यक्रम लिए गए हैं। एक-एक शब्द की व्याख्या की गई है। उदाहरण के तौर पर जैसे नर्व (तंत्रिका), उसके प्रकार दिए गए हैं, उनके बारे में बताया गया है।
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एक हजार संदर्भ पुस्तकों का उल्लेख

यही नहीं मैटर कहां से लिया गया है, उसमें संदर्भ पुस्तकों का भी उल्लेख किया गया है। कोश में करीब एक हजार संदर्भ पुस्तकों का उल्लेख किया गया है। 2100 पुस्तकों का प्रकाशन पहले चरण में किया गया है। सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन, पुस्तक को विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में उपलब्ध कराएगा।  

आर्यभट्ट से लेकर सुंदरलाल बहुगुणा भी शामिल

विश्वकोश में विषय के अलावा वैज्ञानिकों के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय वैज्ञानिकों में आर्यभट्ट से लेकर सुंदरलाल बहुगुणा तक का विवरण है। एपीजे अब्दुल कलाम, जगदीश चंद्र बोस, एमएस स्वामीनाथन आदि हैं। विदेशी वैज्ञानिकों में आइजक न्यूटन, जेम्स क्लर्क मैक्सवेल, मैडम क्यूरी, गैलिलियो भी हैं। 

विज्ञान विषय पर प्रकाशित हिंदी विश्वकोश से बीएससी व एमएससी के छात्र-छात्राएं विज्ञान विषय की शब्दावली को हिंदी में समझ सकेंगे। भारतीय व विदेशी वैज्ञानिकों के बारे में जान सकेंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ा रहे शिक्षकों को हिंदी में विज्ञान की पुस्तकें लिखनी चाहिए। इससे विद्यार्थियों को सहूलियत मिलेगी। - प्रो. नंद किशोर पांडेय, निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान 

उच्च शिक्षण संस्थानों में विज्ञान के शिक्षक हिंदी के माध्यम से विद्यार्थी को पढ़ाएं, पाठ्यक्रम तैयार करें, शोध कार्य किया जाए, इस उद्देश्य से एक संस्थान ने एक आधार पुस्तक तैयार कराई है। हिंदी को सही स्थान मिले, इसके लिए उच्च शिक्षण संस्थानों व शिक्षकों को काम करना होगा। - डॉ. कमल किशोर गोयनका, उपाध्यक्ष, केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल


प्रौद्योगिकी पर भी हिंदी विश्वकोश प्रकाशित करेगा

केंद्रीय हिंदी संस्थान अब तक पृथ्वी और भूगोल, गणित व विज्ञान के हिंदी विश्वकोश प्रकाशित कर चुका है। छह विश्वकोश प्रकाशित किए जाने हैं, इनमें समाज और जीवन, लोक प्रशासन, पत्रकारिता व जनसंचार, साहित्य, प्रौद्योगिकी, इतिहास पर हिंदी विश्वकोश प्रकाशित किए जाने हैं। 
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