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जया कुमारी का युवाओं को संदेश- हार या जीत जीवन का एक छोटा हिस्सा है, जीवन नहीं
Tue, 24 Sep 2019 06:26 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 24 Sep 2019 06:26 PM IST
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कथावाचक जया कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
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गुरु का चयन चमत्कार देखकर नहीं करना चाहिए, सच्चा और अच्छा गुरु वही है जो भक्त को खुद से नहीं बल्कि ईश्वर से जोड़े। जब जब हमने इंसान को भगवान की उपाधि दी है। तब तब गलत हुआ। यह कहना है कथावाचक जया किशोरी का।
जया किशोरी सोमवार को विजय नगर कॉलोनी में पत्रकारों से वार्ता कर रही थी। उन्होंने कहा कि युवा छोटी छोटी बातों पर निराश हो जाते हैं और जीवन तक त्याग देते हैं। जबकि हार या जीत जीवन का एक छोटा सा हिस्सा है, जीवन नहीं।
उन्होंने कहा कि ईश्वर पर भरोसा रखना सीखना चाहिए। क्योंकि जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। जया किशोरी ने कथावाचकों के प्रति बढ़ते अविश्वास को लेकर कुछ भी बोलने से मना करते हुए कहा कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है।
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उन्होंने कहा कि मैं कभी नहीं कहती कि आध्यात्म के लिए घर को छोड़ा जाए। मैंने परिवार के साथ रहकर पढ़ाई भी की और अब कथा भी कर रही हूं। इस दौरान जया किशोरी के पिता शिवशंकर शर्मा भी मौजूद रहे।
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जया किशोरी सोमवार को विजय नगर कॉलोनी में पत्रकारों से वार्ता कर रही थी। उन्होंने कहा कि युवा छोटी छोटी बातों पर निराश हो जाते हैं और जीवन तक त्याग देते हैं। जबकि हार या जीत जीवन का एक छोटा सा हिस्सा है, जीवन नहीं।
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उन्होंने कहा कि ईश्वर पर भरोसा रखना सीखना चाहिए। क्योंकि जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। जया किशोरी ने कथावाचकों के प्रति बढ़ते अविश्वास को लेकर कुछ भी बोलने से मना करते हुए कहा कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है।
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उन्होंने कहा कि मैं कभी नहीं कहती कि आध्यात्म के लिए घर को छोड़ा जाए। मैंने परिवार के साथ रहकर पढ़ाई भी की और अब कथा भी कर रही हूं। इस दौरान जया किशोरी के पिता शिवशंकर शर्मा भी मौजूद रहे।