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Agra News: पाला गिरने से किसानों की बढ़ी चिंता, मटर की फसल हो होने लगा नुकसान
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कासगंज में पाला गिरने से मटर की फसल पर पड़े चकथे ।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। कड़ाके की ठंड के बीच अब पाला पड़ने लगा है। खेतों में पाला जमा देखकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मटर की फसल पर पाले का असर दिखने लगा है। फसल का बचाव करने को किसानों ने खेतों में सिंचाई की।
दो दिन पहले से पाला गिरना शुरू हुआ। शनिवार की रात को भी पाला गिरा, लेकिन यह पाला कम था। किसानों को तभी से पाला गिरने के संकेत मिलने लगे। रविवार की रात्रि को पाला अधिक गिरा। सोमवार सुबह जब किसानों ने खेतों को देखा तो पाले की बर्फ जैसी परतें फसल पर नजर आईं। यह देखकर किसान चिंतित होने लगे। मटर की फली पर पाला गिरने से उसमें चकत्ते भी निकल जाए। इस तरह से काफी फसल में प्रभाव देखा गया। किसानों का कहना है कि पाला इसी तरह गिरा तो फसलों को काफी क्षति होगी। क्योंकि हरी मटर की फली में इस समय दाना बऩ रहा है। पाले से फली खराब होने पर दाना नहीं बनेगा।
बोले किसान-
- पाला पड़ने से मटर की फसल और सरसों की फसल को नुकसान होगा। दो दिन के पाले से ही मटर की फसल पर प्रभाव होने लगा है। यदि पाला गिरना बंद नहीं हुआ तो फसल मारी जाएगी। - राजेश बघेल।
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- पाले से फसलों के खराब होने की आशंका बनी है। किसान चिंतित हैं। खेती की लागत काफी बढ़ गई है। पैदावार कम हुई तो किसान कहीं का नहीं रहेगा- रामचंद्र।
क्या करें
कासगंज। जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार ने किसानों को परामर्श दिया है कि वह अपने खेतों में बौछारी सिंचाई या हल्की सिंचाई करें। इससे पाले से राहत मिलेगी। इसके अलावा 90 प्रतिशत सल्फर पाउडर 50 ग्राम का प्रति बीघा स्प्रे करें। जिससे पाले से बचाव हो सके।
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दो दिन पहले से पाला गिरना शुरू हुआ। शनिवार की रात को भी पाला गिरा, लेकिन यह पाला कम था। किसानों को तभी से पाला गिरने के संकेत मिलने लगे। रविवार की रात्रि को पाला अधिक गिरा। सोमवार सुबह जब किसानों ने खेतों को देखा तो पाले की बर्फ जैसी परतें फसल पर नजर आईं। यह देखकर किसान चिंतित होने लगे। मटर की फली पर पाला गिरने से उसमें चकत्ते भी निकल जाए। इस तरह से काफी फसल में प्रभाव देखा गया। किसानों का कहना है कि पाला इसी तरह गिरा तो फसलों को काफी क्षति होगी। क्योंकि हरी मटर की फली में इस समय दाना बऩ रहा है। पाले से फली खराब होने पर दाना नहीं बनेगा।
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बोले किसान-
- पाला पड़ने से मटर की फसल और सरसों की फसल को नुकसान होगा। दो दिन के पाले से ही मटर की फसल पर प्रभाव होने लगा है। यदि पाला गिरना बंद नहीं हुआ तो फसल मारी जाएगी। - राजेश बघेल।
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- पाले से फसलों के खराब होने की आशंका बनी है। किसान चिंतित हैं। खेती की लागत काफी बढ़ गई है। पैदावार कम हुई तो किसान कहीं का नहीं रहेगा- रामचंद्र।
क्या करें
कासगंज। जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार ने किसानों को परामर्श दिया है कि वह अपने खेतों में बौछारी सिंचाई या हल्की सिंचाई करें। इससे पाले से राहत मिलेगी। इसके अलावा 90 प्रतिशत सल्फर पाउडर 50 ग्राम का प्रति बीघा स्प्रे करें। जिससे पाले से बचाव हो सके।