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कासगंज में हिंसा के बाद यहां से निकला अमन का पैगाम, हिंदुओं का बड़ा एलान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
Updated Thu, 01 Feb 2018 12:35 PM IST
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ईदगाह
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज की घटना की एक तस्वीर और भी है, जिसमें जिले के दूसरे क्षेत्रों में दोनों संप्रदाय के लोगों ने माहौल खराब होने से बचाया है। मंगलवार को शहर से 20 किलोमीटर दूर जिस गांव में अराजक तत्वों द्वारा ईदगाह की दीवार क्षतिग्रस्त की गई।
वहां के हिंदू और मुस्लिम दोनों वर्ग के लोग अमन के लिए सामने आए। हिंदुओं ने क्षतिग्रस्त दीवार को बनवाने का जिम्मा लिया और कहा कि इस घटना से वहां के लोग शर्मिंदा हैं।
मौके पर दोनों वर्गों के संभ्रांत लोगों ने सामने आकर पुलिस और प्रशासन को भरोसा दिलाया कि यहां कोई विवाद न तो पहले था और न अब है। जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया उसकी निंदा की गई। यहां के लोगों ने घटना के बाद ही कहा था कि यह अमनपुर है, यहां दिलों में मुहब्बत है, नफरत के लिए कोई जगह नहीं।
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वहां के हिंदू और मुस्लिम दोनों वर्ग के लोग अमन के लिए सामने आए। हिंदुओं ने क्षतिग्रस्त दीवार को बनवाने का जिम्मा लिया और कहा कि इस घटना से वहां के लोग शर्मिंदा हैं।
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मौके पर दोनों वर्गों के संभ्रांत लोगों ने सामने आकर पुलिस और प्रशासन को भरोसा दिलाया कि यहां कोई विवाद न तो पहले था और न अब है। जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया उसकी निंदा की गई। यहां के लोगों ने घटना के बाद ही कहा था कि यह अमनपुर है, यहां दिलों में मुहब्बत है, नफरत के लिए कोई जगह नहीं।
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ईदगाह
- फोटो : अमर उजाला
घटना का पता चलने के थोड़ी देर बाद ही बाजार खुल गए थे, इनमें चहल पहल भी रही। 27 की रात भी अमांपुर में खुराफातियों ने तीन खोखे फूंक दिए थे। साजिश माहौल बिगाड़ने की थी, लोग इसमें नहीं आए।
दस हजार आबादी वाले इस कस्बे में ईद और दीवाली दोनों समुदाय के लोग प्रेम से मनाते हैं। रामलीला के मंच के बराबर से ताजिए निकलते हैं। लखनऊ में एडीजी आनंद कुमार ने इस भाईचारे की तारीफ की।
दस हजार आबादी वाले इस कस्बे में ईद और दीवाली दोनों समुदाय के लोग प्रेम से मनाते हैं। रामलीला के मंच के बराबर से ताजिए निकलते हैं। लखनऊ में एडीजी आनंद कुमार ने इस भाईचारे की तारीफ की।
पहले दिन के बाद कहीं हिंसा नहीं
एडीजी अजय अानंद
- फोटो : अमर उजाला
एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने दावा किया कि 26 जनवरी को हुई झड़प के बाद से हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है। आगजनी की कुछ घटनाएं जरूर हुई हैं जिनपर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जिस दिन घटना हुई जिसमें पथराव हुआ और गोलियां चलीं उसके कुछ ही घंटे के बाद जुमे की नमाज थी।
जिले की सभी मस्जिदों में पूर्व की तरह नमाज अदा की गई। कुछ अराजक तत्वों ने लगातार शहर में आग लगाने का काम किया। जिसमें कुछ जगहों पर वह कामयाब भी हुए। लेकिन आमने सामने हिंसा, पथराव या स्थिति बिगड़ने की खबर 26 जनवरी के बाद नहीं मिली।
जिले की सभी मस्जिदों में पूर्व की तरह नमाज अदा की गई। कुछ अराजक तत्वों ने लगातार शहर में आग लगाने का काम किया। जिसमें कुछ जगहों पर वह कामयाब भी हुए। लेकिन आमने सामने हिंसा, पथराव या स्थिति बिगड़ने की खबर 26 जनवरी के बाद नहीं मिली।