हिरासत में मौत का मामला: जांच के लिए आगरा पहुंची कासगंज पुलिस की टीम, कब्जे में लिए दस्तावेज
पुलिस हिरासत में सफाईकर्मी अरुण नरवार की मौत के केस की विवेचना कासगंज के ढोलना थाना प्रभारी निरीक्षक को दी गई है। उनके नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम इस मामले की विवेचना करेगी।
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आगरा पुलिस हिरासत में सफाई कर्मी अरुण नरवार की मौत के मुकदमे की विवेचना करने सोमवार को कासंगज के ढोलना थाना प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह पांच सदस्यीय टीम के साथ आगरा पहुंचे। उन्होंने केस से संबंधित पत्रावली थाना पर ग्रहण कीं। इसके बाद पुल छिंगा मोदी में अरुण के परिवार से मिले। भाइयों से घटना के संबंध में प्राथमिक जानकारी ली। इसके बाद टीम चली गई। टीम मंगलवार को फिर आ सकती है।
थाना जगदीशपुरा के मालखाना में 25 लाख रुपये की चोरी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने सफाई कर्मी अरुण नरवार को पकड़ा था। पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद विभिन्न संगठनों ने आक्रोश व्यक्त किया था। पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया गया। थाना जगदीशपुरा में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी ने क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग के प्रभारी आनंद साही, चौकी प्रभारी अवधपुरी योगेंद्र सिंह, सिपाही महेंद्र, सत्यम और रूपेश को निलंबित कर दिया था। अंतिम बार अरुण उनकी हिरासत में था। इस पर कार्रवाई की गई। हत्या के मुकदमे की विवेचना कासगंज स्थानांतरित की गई थी।
केस की पत्रावली लीं
केस की विवेचना करने विवेचक ओमप्रकाश सिंह सोमवार दोपहर को तीन बजे थाना जगदीशपुरा पहुंचे। उन्होंने केस की पत्रावली लीं। उनके साथ एसआई रामप्रकाश गौतम, हेड कांस्टेबल राजेश, सिपाही नितिन कुमार और अजीत कुमार भी रहे। ओमप्रकाश सिंह पूर्व में आगरा में ही तैनात थे। यहां के बाद टीम पुल छिंगामोदी में अरुण के परिवार से मिलने गई। मृतक के भाइयों से बात की।
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...और कहां बिगड़ी थी अरुण की तबीयत
पुलिस टीम ने थाने पर पुलिस कर्मियों से लेकर अरुण के घर जाकर पीड़ित परिवार से कई जानकारी ली। यह पूछा कि क्या हुआ था? अरुण को क्यों पकड़ा था? उसकी तबीयत कहां बिगड़ी थी? उसे तबीयत बिगड़ने के बाद कौन से अस्पताल लेकर गए? कौन-कौन पूछताछ कर रहा था? परिवार से पूछा कि अरुण से आखिरी बार कब मिले थे?
अवधपुरी चौकी पर नहीं लगे हैं कैमरे
परिवार के लोगों ने बताया था कि अरुण से पूछताछ अवधपुरी चौकी पर हुई थी। वहीं पर उनकी पिटाई लगाई। बाद में अरुण को पीटा गया। इस घटना के बाद से चौकी पर सन्नाटा है। चौकी पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। चौकी प्रभारी के कक्ष के अलावा एक बैरक है। चौकी के सामने ही एक घर पर कैमरा लगा है। घर पर ताला लगा है। आसपास के लोगों ने बताया कि कैमरा खराब पड़ा है।