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Agra News: बाढ़ से सुरक्षा के लिए बनाया कच्चा बांध हुआ जर्जर
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गंजडुंडवारा। बाढ़ सुरक्षा के लिए ग्रामीणों की ओर से कई वर्ष पहले तैयार किया कच्चा बांध जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। इसे अब सिंचाई विभाग ने अपने अधीन ले लिया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से समय रहते बांध की मरम्मत की मांग की है।
बरौना से लेकर नरदोली तक गंगा में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से सुरक्षा के लिए स्वयं श्रमदान कर 50 वर्ष पूर्व कच्चे बांध का निर्माण किया था। इस बांध को कुछ समय बाद सिंचाई विभाग में अपने अधीन ले लिया। तब से इस बांध की देखरेख सिंचाई विभाग करता चला आ रहा है। जब बाढ़ की स्थिति बनती है तो यहां कटान भी होने लगता है। इस बांध के कटने से इसका असर 84 गांव पर पड़ता है। पिछले वर्ष तो गांव नेथरा, निविया, बगवास, कादरगंज पर काटन और बाढ़ की स्थिति बनी थी। कटान से सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई थी। किसान की फसले बर्बाद हो गई थी। ग्रामीणों ने समय रहते जिलाधिकारी से कच्चे बांध की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में समाजसेवी अब्दुल हफीज गांधी, डॉ. नेमचंद्र सक्सेना, शारदा कुमारी, प्रधान आमोद बघेल, पूर्व प्रधान सुरेश चंद्र, राजेश पहलवान, सोरन सिंह बघेल, मनवीर सिंह चौहान प्रमुख हैं।
जून जुलाई में पहाड़ों पर वर्षा के साथ गंगा में पानी का दबाव बनेगा। समय रहते यदि बांध की मरम्मत नहीं हुई तो मुसीबत उठानी पड़ सकती है। - मेजर संग्राम सिंह
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यदि समय रहते कच्चे बांध की मरम्मत हो जाए तो लोगों को तबाही से बचाया जा सकता है। सिंचाई विभाग को मौके पर पहुंचकर बांध की स्थिति को देखना चाहिए । - अजीम
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बरौना से लेकर नरदोली तक गंगा में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से सुरक्षा के लिए स्वयं श्रमदान कर 50 वर्ष पूर्व कच्चे बांध का निर्माण किया था। इस बांध को कुछ समय बाद सिंचाई विभाग में अपने अधीन ले लिया। तब से इस बांध की देखरेख सिंचाई विभाग करता चला आ रहा है। जब बाढ़ की स्थिति बनती है तो यहां कटान भी होने लगता है। इस बांध के कटने से इसका असर 84 गांव पर पड़ता है। पिछले वर्ष तो गांव नेथरा, निविया, बगवास, कादरगंज पर काटन और बाढ़ की स्थिति बनी थी। कटान से सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई थी। किसान की फसले बर्बाद हो गई थी। ग्रामीणों ने समय रहते जिलाधिकारी से कच्चे बांध की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में समाजसेवी अब्दुल हफीज गांधी, डॉ. नेमचंद्र सक्सेना, शारदा कुमारी, प्रधान आमोद बघेल, पूर्व प्रधान सुरेश चंद्र, राजेश पहलवान, सोरन सिंह बघेल, मनवीर सिंह चौहान प्रमुख हैं।
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जून जुलाई में पहाड़ों पर वर्षा के साथ गंगा में पानी का दबाव बनेगा। समय रहते यदि बांध की मरम्मत नहीं हुई तो मुसीबत उठानी पड़ सकती है। - मेजर संग्राम सिंह
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यदि समय रहते कच्चे बांध की मरम्मत हो जाए तो लोगों को तबाही से बचाया जा सकता है। सिंचाई विभाग को मौके पर पहुंचकर बांध की स्थिति को देखना चाहिए । - अजीम