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कासगंज: कांग्रेस के हाथ को नहीं मिला मतदाताओं का साथ, सभी छह सीटों पर जब्त हो गई जमानत
Mon, 15 May 2023 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 15 May 2023 11:51 PM IST
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कासगंज। कभी जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली कांग्रेस खराब दौर से गुजर रही है। निकाय चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष पद पर 10 में से 6 सीटों पर ही प्रत्याशी उतार सकी। ये जमानत तक नहीं बचा सके।
कासगंज नगर पालिका से वर्ष 2017 में कांग्रेस से चुनाव लड़ने वाली पूर्व चेयरमैन शशिलता 7529 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रही थीं। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं। टिकट न मिलने पर सपा के समर्थन से चुनाव लड़ा। वहीं कांग्रेस पार्टी ने शहर अध्यक्ष राजेंद्र कश्यप की पत्नी सोनवती को प्रत्याशी बनाया। वह 1310 वोट ही पा सकीं।
नगर पंचायत बिलराम में निवर्तमान चेयरमैन ज्योति सपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने उन्हें चुनाव लड़ाया। वह 854 वोट ही पा सकीं। जमानत जब्त हो गई। नगर पंचायत अमांपुर से ओंकार राजपूत को प्रत्याशी बनाया गया। वह भी जमानत नहीं बचा सके। 12 वोट ही मिले। नगर पंचायत पटियाली में ऊषा देवी को प्रत्याशी बनाया गया। वह 142 वोट ही पा सकीं। जमानत जब्त हो गई।
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नगर पंचायत भरगैन में अजहर अली को प्रत्याशी बनाया गया। उन्हें 653 वोट मिले। नगर पंचायत सहावर से सीमा बेगम चुनाव लड़ीं। वह 119 वोट ही हासिल कर सकीं। इनकी भी जमानत नहीं बची। नगर पंचायत मोहनपुर से पुनीत कुमार 973 वोट पाकर उप विजेता बने थे। वह इस चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए। कांग्रेस ने यहां से कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। नगर पालिका गंजडुंडवारा, नगर पालिका सोरोंजी एवं नगर पंचायत सिढ़पुरा में पिछले चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को काफी कम वोट मिले थे। इस चुनाव में पार्टी को कोई प्रत्याशी नहीं मिला। वर्ष 2017 एवं वर्ष 2012 के चुनाव में भी कांग्रेस की स्थिति जिले में खराब रही। जिले की किसी भी सीट पर पार्टी का प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका।
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कासगंज नगर पालिका से वर्ष 2017 में कांग्रेस से चुनाव लड़ने वाली पूर्व चेयरमैन शशिलता 7529 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रही थीं। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं। टिकट न मिलने पर सपा के समर्थन से चुनाव लड़ा। वहीं कांग्रेस पार्टी ने शहर अध्यक्ष राजेंद्र कश्यप की पत्नी सोनवती को प्रत्याशी बनाया। वह 1310 वोट ही पा सकीं।
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नगर पंचायत बिलराम में निवर्तमान चेयरमैन ज्योति सपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने उन्हें चुनाव लड़ाया। वह 854 वोट ही पा सकीं। जमानत जब्त हो गई। नगर पंचायत अमांपुर से ओंकार राजपूत को प्रत्याशी बनाया गया। वह भी जमानत नहीं बचा सके। 12 वोट ही मिले। नगर पंचायत पटियाली में ऊषा देवी को प्रत्याशी बनाया गया। वह 142 वोट ही पा सकीं। जमानत जब्त हो गई।
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नगर पंचायत भरगैन में अजहर अली को प्रत्याशी बनाया गया। उन्हें 653 वोट मिले। नगर पंचायत सहावर से सीमा बेगम चुनाव लड़ीं। वह 119 वोट ही हासिल कर सकीं। इनकी भी जमानत नहीं बची। नगर पंचायत मोहनपुर से पुनीत कुमार 973 वोट पाकर उप विजेता बने थे। वह इस चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए। कांग्रेस ने यहां से कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। नगर पालिका गंजडुंडवारा, नगर पालिका सोरोंजी एवं नगर पंचायत सिढ़पुरा में पिछले चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को काफी कम वोट मिले थे। इस चुनाव में पार्टी को कोई प्रत्याशी नहीं मिला। वर्ष 2017 एवं वर्ष 2012 के चुनाव में भी कांग्रेस की स्थिति जिले में खराब रही। जिले की किसी भी सीट पर पार्टी का प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका।