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Karwa Chauth 2020: इस बार करवा चौथ पर बन रहे विशेष योग, बरसेगी भगवान शिव की कृपा
Sun, 01 Nov 2020 02:40 PM IST
मुकेश कुमार
डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, आगरा
डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 01 Nov 2020 02:40 PM IST
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करवा चौथ
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कृष्ण पक्ष की सभी चतुर्थी तिथियां संकट हरने वाली हैं, लेकिन करवा चौथ का अपना विशेष महत्व है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं श्रद्धा भाव से करती हैं। महिलाओं के लिए इसके समान सौभाग्य प्रदान करने वाला दूसरा व्रत नहीं है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार अधिकमास के चलते 13 चतुर्थियों का लाभ मिलकर इस वर्ष कार्तिक कृष्ण चतुर्थी (करवा चौथ) पर विशेष योग हैं।
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आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि इस बार चार नवंबर को करवा चौथ का पर्व है। वर्षों बाद विशेष ज्योतिषीय योग-संयोग बन रहे हैं। चतुर्थी बुधवार, मृगशिरा नक्षत्र, अहर्निश शिव महायोग, सर्वार्थसिद्धि योग और बुध प्रधान मिथुन राशि का चंद्रमा ये सब अखंड सुहाग के प्रतिमान करवाचौथ को कुछ विशेष बना रहे हैं। ये सभी योग पूरे शिव परिवार का आशीष प्रदान करने वाले हैं।
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करवाचौथ पर सुहागिन महिलाएं गणेश, शिव-पार्वती, कार्तिकेय और चंद्रमा का पूजन करती हैं। चंद्रोदय के समय सजे-धजे मिट्टी के करवे से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर अपने अखंड सुहाग की प्रार्थना करती हैं। वर्तमान में कुंवारी कन्याएं भी सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए करवाचौथ का व्रत करती हैं।
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ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक
- फोटो : अमर उजाला
करवाचौथ व्रत में शिव-पार्वती की पूजा करने के पीछे महिलाएं की मान्यता है कि जिस प्रकार मां शैलपुत्री ने घोर तपस्या कर शिवजी को पाकर अखंड सौभाग्य प्राप्त किया वैसा ही उन्हें प्राप्त हो। करवाचौथ के संबंध में कई पौराणिक कथा एवं व्याख्यान मिलते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण ने भी द्रोपदी की चिंता दूर करते हुए इस व्रत को समझाया और इंद्राणी ने भी वीरावती को इस व्रत के प्रभाव बताए, जिसके प्रभाव से वीरावती का पति स्वस्थ हुआ। करवाचौथ व्रत दाम्पत्य जीवन के पवित्र बंधन का प्रतीक है।
भगवान श्रीकृष्ण ने भी द्रोपदी की चिंता दूर करते हुए इस व्रत को समझाया और इंद्राणी ने भी वीरावती को इस व्रत के प्रभाव बताए, जिसके प्रभाव से वीरावती का पति स्वस्थ हुआ। करवाचौथ व्रत दाम्पत्य जीवन के पवित्र बंधन का प्रतीक है।