फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Kargil Vijay Diwas Lance Naik Kunwarpal deployed in forward area of war martyred during Operation Rakshak

विजय दिवस: कारगिल के वो योद्धा...युद्ध के अग्रिम क्षेत्र में थे तैनात, ऑपरेशन रक्षक के दौरान हुए थे शहीद

Thu, 25 Jul 2024 06:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 25 Jul 2024 06:13 PM IST
सार

कारगिल युद्ध में किसरौली के लांस नायक कुंवरपाल ने सर्वोच्च बलिदान देकर पूरे गांव का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। हालांकि इस जाबाज बेटे के जाने का गम लोगों के दिलों में आज भी चुभ रहा है। 
 

विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas Lance Naik Kunwarpal deployed in forward area of war martyred during Operation Rakshak
जांबाज लांस नायक कुंवरपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कासगंज के गांव किसरौली के रहने वाले जांबाज लांस नायक कुंवरपाल ने 16 अक्टूबर 2000 को अपना जीवन बलिदान कर दिया था।  वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटे को छोड़ गए थे। हालांकि उनका सपना था कि बेटा आर्मी में जाकर देश सेवा करे, लेकिन वो सफल नहीं हो सका। 
विज्ञापन

 

कारगिल युद्ध के ऑपरेशन रक्षक के दौरान 16 अक्टूबर 2000 को कुंवरपाल सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहीद हुए। शहीद कुंवरपाल की याद में गांव के बाहर शहीद स्मारक बना है। जहां शहीद की प्रतिमा स्थापित की गई है। शहीद का परिवार अभी भी गांव में रहता है। जिस समय कुंवरपाल शहीद हुए उस समय उनके बच्चे छोटे थे। जब बच्चे बड़े हुए और सेना में जाने की तैयारी की, लेकिन भर्ती की पात्रता को पूरा नहीं कर पाए। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

शासन के स्तर से मिलने वाली सुविधाएं व आर्थिक सहायता शहीद के परिजनों को मिली, लेकिन पेट्रोल पंप पाने की हसरत पूरी नहीं हो सकी। शहीद की पत्नी सरोज देवी ने बताया कि उनके पति हमेशा चाहते थे कि उनका एक बेटा भी सेना में जाए। उनके बड़े बेटे सुनील ने सेना में जाने की तैयारी की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। अब सुनील नोएडा में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि छोटा पुत्र गौरव खेतीबाड़ी संभालता है। परिवार के पास 7-8 बीघा खेती है। पेंशन और खेती ही आमदनी का जरिया है।

 
विज्ञापन

यह चाहता है शहीद का परिवार
 शहीद की पत्नी सरोजदेवी का कहना है कि परिवार की जीविका चलाने के लिए पेट्रोल पंप नहीं मिल सकी। इसके लिए प्रयास भी किए। यदि यह सुविधा मिल जाए तो बेटे काम से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव के बाहर शहीद स्तंभ बना हुआ है। यहां लाइट की व्यवस्था हो तो रात को रास्ता निकलने वाले लोगों को राहत मिलेगी और शहीद की प्रतिमा रात को दिखाई दे सकेगी।

 

संपर्क में रहता है विभाग 
जिला सैनिल कल्याण अधिकारी सतीश चंद्र ने बताया कि जिले में किसरौली के सैनिक लांस नायक कुंवरपाल ने ऑपरेशन रक्षक में सर्वोच्च बलिदान दिया। सैनिक के परिवार को कोई परेशानी न हो इसको लेकर जिला सैनिक कल्याण विभाग परिवार के संपर्क में रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed