{"_id":"601ee60726dd2728101d3f32","slug":"kanwaljeet-of-patiala-bought-agra-number-car","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंक का कनैक्शनः पटियाला के कंवलजीत ने खरीदी थी आगरा के नंबर की कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंक का कनैक्शनः पटियाला के कंवलजीत ने खरीदी थी आगरा के नंबर की कार
Sun, 07 Feb 2021 12:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 07 Feb 2021 12:25 AM IST
विज्ञापन
बरामद सेंट्रो कार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू में आतंकी के पास से बरामद सेंट्रो कार के प्रथम मालिक आगरा के गैलाना रोड स्थित सिंडीकेट बैंक कॉलोनी में रहने वाले अतीत कुमार अंबेश थे। उन्होंने 11 महीने पहले मोहाली की एजेंसी में कार को एक्सचेंज आफर में बदलकर नई कार खरीद ली थी। अब पुलिस अतीत से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इस समय वह चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं।
विज्ञापन
सिंडीकेट बैंक कालोनी निवासी अतीत कुमार अंबेश ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में कार्य करते हैं। वह एक साल पहले मोहाली में कार्यरत थे। उनके पास दस साल पुरानी सेंट्रो कार थी। उसका नंबर यूपी 80 बीएन 2708 था। इस कार को बदलकर नई कार लेने के लिए मोहाली की एजेंसी के कर्मचारियों से बात की थी।
विज्ञापन
वह सेंट्रो कार को एक्सचेंज में लेने के लिए तैयार हो गए थे। इस पर मार्च की शुरूआत में नई एक्सयूवी कार खरीद ली। मगर, तभी कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉक डाउन लग गया। इस पर वह अपनी पुरानी कार को नहीं दे पाए थे। जून 2020 में कार एजेंसी में पहुंचाई थी। 10 जुलाई में यह कार की एनओसी जारी हो गई थी।
विज्ञापन
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि पंजाब के पटियाला स्थित गांव गुनी मजरा के कंवलजीत सिंह पुत्र गुरदीप सिंह के नाम पर पंजीकृत हुई। इस पर पंजाब में नंबर पीबी 11 सी डब्ल्यू 9024 मिला था। इसके बावजूद जम्मू में पकड़ी कार पर आगरा नंबर की प्लेट लगी थी। इस पर पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि कार के नंबर का इस्तेमाल किया गया है। आरटीओ से पता चला है कि इसे अतीत कुमार अंबेश ने बेच दिया था। यह पटियाला के व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर की गई है।