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फरारी के बाद बदमाश कर रहा था ऐसा काम, पकड़ने के बाद खुली हकीकत तो पुलिस के छूटे पसीने
Sun, 19 May 2019 09:25 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 19 May 2019 09:25 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में अपहरण का आरोपी नसीम
- फोटो : अमर उजाला
आगरा। शमसाबाद से चार साल पहले तेल कारोबारी के छह साल के बेटे प्रिंस का अपहरण करने के आरोपी नसीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। कानपुर एसटीएफ और शमसाबाद पुलिस ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। आरोपी को जेल भेज दिया गया।
एसपी ग्रामीण पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त नसीम पुत्र नन्हे उर्फ उम्रदराज निवासी मोहल्ला टोला, शमसाबाद है। वह चार साल से फरार चल रहा था। 30 दिसंबर 2015 को उसने अपने चार साथियों के साथ इरादत नगर रोड निवासी तेल कारोबारी सतेंद्र सविता के छह साल के बेटे प्रिंस का अपहरण कर लिया था। इस संबंध में कारोबारी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
अपहरण कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। बाद में बदमाश 20 लाख रुपये पर आ गए थे। पुलिस ने दस दिन बाद प्रिंस को बरामद किया था। इस मामले में दो आरोपी मुवीन और बबलू को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी नसीम फरार हो गया था। पुलिस ने गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। उस पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। नसीम कसबा में हुए बलवे के मामले में जेल भी भेजा गया था। उस पर तीन मुकदमे दर्ज हैं।
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एसपी ग्रामीण पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त नसीम पुत्र नन्हे उर्फ उम्रदराज निवासी मोहल्ला टोला, शमसाबाद है। वह चार साल से फरार चल रहा था। 30 दिसंबर 2015 को उसने अपने चार साथियों के साथ इरादत नगर रोड निवासी तेल कारोबारी सतेंद्र सविता के छह साल के बेटे प्रिंस का अपहरण कर लिया था। इस संबंध में कारोबारी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
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अपहरण कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। बाद में बदमाश 20 लाख रुपये पर आ गए थे। पुलिस ने दस दिन बाद प्रिंस को बरामद किया था। इस मामले में दो आरोपी मुवीन और बबलू को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी नसीम फरार हो गया था। पुलिस ने गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। उस पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। नसीम कसबा में हुए बलवे के मामले में जेल भी भेजा गया था। उस पर तीन मुकदमे दर्ज हैं।
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पुलिस ने बताया कि फरारी के बाद नसीम ने अपना ठिकाना इटावा, औरैया, कानपुर, जसवंतनगर में बना लिया था। वह अपनी पत्नी और बच्चों को भी साथ लेकर चला गया था। परिवार से भी संपर्क नहीं करता था। अपने पास मोबाइल भी नहीं रखता था।
इस कारण उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। वह चने बेचने का काम करने लगा था। इसके अलावा ईंट के भट्ठे पर भी काम करने लगा था। मोहल्ले में उसका एक घर है। इसमें परिवार रहता है। शनिवार रात को परिवारीजनों से मिलने आया था। इसकी सूचना पुलिस को हो गई। इस पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद एसटीएफ को भी सूचना दी गई।
पुलिस ने बताया कि कारोबारी सत्येंद्र का बेटा प्रिंस तब नर्सरी का छात्र था। वह 30 दिसंबर 2015 को दो बहनों स्नेहा और हिना के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में बाइक सवार दो लोग उसे उठा ले गए थे। पहले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बाद में 20 लाख, फिर पांच लाख पर आ गए थे। दस दिन बाद पुलिस ने प्रिंस को बरामद कर लिया था। चर्चा रही थी फिरौती दी गई है।
इस कारण उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। वह चने बेचने का काम करने लगा था। इसके अलावा ईंट के भट्ठे पर भी काम करने लगा था। मोहल्ले में उसका एक घर है। इसमें परिवार रहता है। शनिवार रात को परिवारीजनों से मिलने आया था। इसकी सूचना पुलिस को हो गई। इस पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद एसटीएफ को भी सूचना दी गई।
पुलिस ने बताया कि कारोबारी सत्येंद्र का बेटा प्रिंस तब नर्सरी का छात्र था। वह 30 दिसंबर 2015 को दो बहनों स्नेहा और हिना के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में बाइक सवार दो लोग उसे उठा ले गए थे। पहले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बाद में 20 लाख, फिर पांच लाख पर आ गए थे। दस दिन बाद पुलिस ने प्रिंस को बरामद कर लिया था। चर्चा रही थी फिरौती दी गई है।