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काली नदी में छोड़ा हजारा नहर का पानी, बढ़ी शुद्धता की आस
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कासगंज में काली नदी में पानी के नमूने लेती टीम
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। लंबे समय से प्रदूषित कालीनदी के पानी को अब शुद्ध करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। प्रयागराज में माघ मेले की तैयारियों में काली नदी की शुद्धता के प्रयासों को जोड़ा गया है। ऐसे में अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानी की शुद्धता की पहल तेज की है। कालीनदी में हजारा नहर से पानी छोड़ा गया है। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नरौरा खंड नहर के अफसर आपस में सामंजस्य बनाकर काली नदी के पानी को शुद्ध करने में जुट गए हैं।
जिले से गुजर रही कालीनदी बुलंदशहर अलीगढ़ जिलों से औद्योगिक इकाईयों एवं शहर के नालों का कचरा ढोती है। इससे यहां का पानी अक्सर प्रदूषित रहता है। जनवरी में प्रयागराज में माघ मेला शुरू होगा। यह नदी गंगानदी से मिलती हुई प्रयागराज संगम तक जाती है, इसलिए इसके पानी को शुद्ध करने के प्रयास तेज किए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गहनता से मंथन करने के बाद पाया कि कासगंज में नदरई के समीप कालीनदी और हजारा नहर पास-पास हैं। यहां हजारा नहर का पानी यदि काली नदी में छोड़ दिया जाए तो पानी साफ हो जाएगा। इसी योजना के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने नरौरा खंड के अधिशासी अभियंता सुप्रभात सिंह के साथ सामंजस्य बनाया और फिर अब हजारा गंग नहर से कालीनदी को जोड़ते हुए नहर का पानी नदी में छोड़ दिया गया है।
नमूने लेने आई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम
बृहस्पतिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पानी के नमूने लेने कासगंज पहुंची यहां हजारा गंग नहर से जो धार काली नदी में मिली है वहां के नमूने संकलित किए। इससे पीछे जहां दूसरे जिलों से पानी आ रहा है उस पानी से नमूने संकलित किए। पानी में ऑक्सीजन और अन्य तत्वों की जांच शुरू कर दी है।
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प्रतिदिन एप पर साझा होगी जानकारी
प्रयागराज माघ मेले की तैयारियों से कालीनदी के पानी की शुद्धता प्रयासों को जोड़ा गया है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर सीधे प्रयागराज और शासन स्तर के अफसरों से ऑनलाइन जुड़ गए हैं। एक एप बनाया गया है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रतिदिन पानी की शुद्धता के प्रयासों की जानकारी साझा करनी होगी।
बीते दिनों यह आई थी रिपोर्ट
- 5 से घटकर 2 रह गई थी डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन की मात्रा।
- 2 से बढ़कर अधिकतम 12 पहुंच गई थी बॉयोलॉजिकल ऑक्सीजन की मात्रा।
वर्जन-
- कालीनदी में पानी की शुद्धता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हजारा गंग नहर का पानी कासगंज के नदरई के समीप से नदी में छोड़ा गया है। इससे अब आगे के रास्ते का पानी भी साफ होगा। प्रतिदिन जो प्रयास किए जाएंगे उसकी जानकारी मोबाइल एप पर साझा की जाएगी। - रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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जिले से गुजर रही कालीनदी बुलंदशहर अलीगढ़ जिलों से औद्योगिक इकाईयों एवं शहर के नालों का कचरा ढोती है। इससे यहां का पानी अक्सर प्रदूषित रहता है। जनवरी में प्रयागराज में माघ मेला शुरू होगा। यह नदी गंगानदी से मिलती हुई प्रयागराज संगम तक जाती है, इसलिए इसके पानी को शुद्ध करने के प्रयास तेज किए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गहनता से मंथन करने के बाद पाया कि कासगंज में नदरई के समीप कालीनदी और हजारा नहर पास-पास हैं। यहां हजारा नहर का पानी यदि काली नदी में छोड़ दिया जाए तो पानी साफ हो जाएगा। इसी योजना के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने नरौरा खंड के अधिशासी अभियंता सुप्रभात सिंह के साथ सामंजस्य बनाया और फिर अब हजारा गंग नहर से कालीनदी को जोड़ते हुए नहर का पानी नदी में छोड़ दिया गया है।
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नमूने लेने आई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम
बृहस्पतिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पानी के नमूने लेने कासगंज पहुंची यहां हजारा गंग नहर से जो धार काली नदी में मिली है वहां के नमूने संकलित किए। इससे पीछे जहां दूसरे जिलों से पानी आ रहा है उस पानी से नमूने संकलित किए। पानी में ऑक्सीजन और अन्य तत्वों की जांच शुरू कर दी है।
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प्रतिदिन एप पर साझा होगी जानकारी
प्रयागराज माघ मेले की तैयारियों से कालीनदी के पानी की शुद्धता प्रयासों को जोड़ा गया है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर सीधे प्रयागराज और शासन स्तर के अफसरों से ऑनलाइन जुड़ गए हैं। एक एप बनाया गया है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रतिदिन पानी की शुद्धता के प्रयासों की जानकारी साझा करनी होगी।
बीते दिनों यह आई थी रिपोर्ट
- 5 से घटकर 2 रह गई थी डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन की मात्रा।
- 2 से बढ़कर अधिकतम 12 पहुंच गई थी बॉयोलॉजिकल ऑक्सीजन की मात्रा।
वर्जन-
- कालीनदी में पानी की शुद्धता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हजारा गंग नहर का पानी कासगंज के नदरई के समीप से नदी में छोड़ा गया है। इससे अब आगे के रास्ते का पानी भी साफ होगा। प्रतिदिन जो प्रयास किए जाएंगे उसकी जानकारी मोबाइल एप पर साझा की जाएगी। - रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।