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कैराना में यमुना से मिलेगी शारदा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 22 Mar 2015 02:02 AM IST
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पानी की कमी से जूझ रही यमुना का संकट दूर करने के लिए शारदा नदी का सहारा लेने की तैयारी है। नेपाल बार्डर से लगी इस नदी के पानी को नहर के सहारे यमुना में लाया जाएगा। लगभग 384 किलोमीटर लंबी इस नहर से उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा और दिल्ली का जल संकट दूर किया जाएगा। साथ ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के किसानों को सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी मिलेगा। जल संसाधन मंत्रालय में इस योजना पर मंथन चल रहा है।
राष्ट्रीय भविष्य योजना के तहत शारदा-यमुना लिंक योजना तैयार की गई है। जल संसाधन मंत्रालय ने योजना से संबंधित मैप तैयार करवाया है। योजना के मुताबिक शारदा नदी का पानी लाने को उत्तराखंड के टनकपुर से मुजफ्फरनगर के कैराना तक नहर बनाई जाएगी। इस नहर के मार्ग में पड़ने वाली रामगंगा नदी और गंगा नदी पर पुल बनाया जाएगा। हालांकि शारदा नदी का तल यमुना से काफी नीचा है, ऐसे में पानी लाना चुनौती भरा होगा। इसके लिए उत्तराखंड में ही पंचकेश्वर धाम पर प्रस्तावित बांध की मदद ली जाएगी। आधुनिक तकनीक से पानी लिफ्ट कर नहर में डाला जाएगा।
गौरतलब है कि शारदा नदी में पानी का बहाव यमुना से ज्यादा होता है। शारदा के किनारे बसे क्षेत्रों में अक्सर बाढ़ की संभावना बनी रहती है। अगर यह योजना मूर्त रूप लेती है तो यमुना में काफी पानी हो जाएगा। जल संसाधन मंत्रालय में इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय ली जा रही है।
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शारदा-यमुना लिंक योजना की खास बातें
- 35404.77 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
- 11,680 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी लाने की योजना
- 384 किलोमीटर लंबी बनेगी नहर
- 7.8 मीटर होगी इसकी गहराई
- 2.94 लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई
- 09 साल लगेंगे प्रोजेक्ट पूरा होने में हरि झंडी मिलने के बाद
इन जिलों को मिलेगा पानी
चंपावत, नैनीताल, उधमसिंह नगर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर
सिंचाई के लिए यहां मिलेगा भरपूर पानी
सिंचाई के लिए...
उधमसिंह नगर, मुरादाबाद, ज्योतिबाफुले नगर, बिजनौर, रामपुर, बरेली, बदायूं
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राष्ट्रीय भविष्य योजना के तहत शारदा-यमुना लिंक योजना तैयार की गई है। जल संसाधन मंत्रालय ने योजना से संबंधित मैप तैयार करवाया है। योजना के मुताबिक शारदा नदी का पानी लाने को उत्तराखंड के टनकपुर से मुजफ्फरनगर के कैराना तक नहर बनाई जाएगी। इस नहर के मार्ग में पड़ने वाली रामगंगा नदी और गंगा नदी पर पुल बनाया जाएगा। हालांकि शारदा नदी का तल यमुना से काफी नीचा है, ऐसे में पानी लाना चुनौती भरा होगा। इसके लिए उत्तराखंड में ही पंचकेश्वर धाम पर प्रस्तावित बांध की मदद ली जाएगी। आधुनिक तकनीक से पानी लिफ्ट कर नहर में डाला जाएगा।
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गौरतलब है कि शारदा नदी में पानी का बहाव यमुना से ज्यादा होता है। शारदा के किनारे बसे क्षेत्रों में अक्सर बाढ़ की संभावना बनी रहती है। अगर यह योजना मूर्त रूप लेती है तो यमुना में काफी पानी हो जाएगा। जल संसाधन मंत्रालय में इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय ली जा रही है।
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शारदा-यमुना लिंक योजना की खास बातें
- 35404.77 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
- 11,680 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी लाने की योजना
- 384 किलोमीटर लंबी बनेगी नहर
- 7.8 मीटर होगी इसकी गहराई
- 2.94 लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई
- 09 साल लगेंगे प्रोजेक्ट पूरा होने में हरि झंडी मिलने के बाद
इन जिलों को मिलेगा पानी
चंपावत, नैनीताल, उधमसिंह नगर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर
सिंचाई के लिए यहां मिलेगा भरपूर पानी
सिंचाई के लिए...
उधमसिंह नगर, मुरादाबाद, ज्योतिबाफुले नगर, बिजनौर, रामपुर, बरेली, बदायूं